नागौर पुलिस का अनोखा फैसला: फरार नशा तस्कर अर्जुनराम विश्नोई पर सिर्फ 25 पैसे का इनाम, एसपी बोले- "हवाबाजी" और दिखावे को खत्म करने के लिए रखा गया

नागौर पुलिस ने NDPS एक्ट के तीन मामलों में फरार नशा तस्कर अर्जुनराम विश्नोई पर महज 25 पैसे का इनाम घोषित किया है। एसपी मृदुल कच्छावा के अनुसार, यह कदम आरोपी की सामाजिक हवाबाजी और दिखावटी इमेज को तोड़ने के लिए है, ताकि गैरकानूनी कमाई से बनी "बड़ी औकात" का मजाक उड़ाया जा सके। यह अनोखी रणनीति सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और अपराधियों के लिए मजबूत संदेश है।

Mar 12, 2026 - 13:53
नागौर पुलिस का अनोखा फैसला: फरार नशा तस्कर अर्जुनराम विश्नोई पर सिर्फ 25 पैसे का इनाम, एसपी बोले- "हवाबाजी" और दिखावे को खत्म करने के लिए रखा गया

राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस ने एक फरार नशा तस्कर पर ऐसा इनाम घोषित किया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों तक सबको हैरान कर दिया है। आरोपी अर्जुनराम विश्नोई पर महज 25 पैसे (चवन्नी) का नकद पुरस्कार रखा गया है। यह इनाम नागौर पुलिस अधीक्षक (एसपी) मृदुल कच्छावा के आदेश पर 11 मार्च 2026 को जारी किया गया। एसपी का साफ कहना है कि यह कदम आरोपी की "सामाजिक हवाबाजी" और दिखावटी इमेज को तोड़ने के लिए उठाया गया है, न कि पैसे से जानकारी खरीदने के लिए।

आरोपी कौन है? अर्जुनराम विश्नोई का आपराधिक रिकॉर्ड

अर्जुनराम विश्नोई, पुत्र जिसुखराम विश्नोई, जायल उपखंड (नागौर) का निवासी है। वह लंबे समय से फरार चल रहा है और मादक पदार्थों की तस्करी में गहराई से जुड़ा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत कुल तीन मामले दर्ज हैं:

कुचेरा थाना (10 अक्टूबर 2025): धारा 8/21 और 8/22 के तहत मामला दर्ज। जांच मेड़ता रोड थानाधिकारी के पास।जायल थाना (4 फरवरी 2026): धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण। जांच रोल थानाधिकारी कर रहे हैं।जायल थाना (22 फरवरी 2026): धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस। जांच सुरपालिया थानाधिकारी द्वारा।

ये मामले डोडा-पोस्त, गांजा, एमडी (मेथाइलन डाइऑक्सीमेथएम्फेटामाइन) और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े हैं। आरोपी पिछले पांच महीनों से फरार है और पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

25 पैसे इनाम क्यों? एसपी मृदुल कच्छावा का स्पष्ट बयान

एसपी मृदुल कच्छावा ने इस फैसले को "सामान्य प्रक्रिया" बताते हुए कहा:"ये अपनी इमेज क्रिएट करने की कोशिश करते हैं और समाजसेवी बने फिरते हैं। इनके हौंसले पस्त करने और सामाजिक हवाबाजी खत्म करने के उद्देश्य से ये इनाम रखा गया है। ऐसे में गलत तरीकों से पैसा कमाकर दिखावा और हवाबाजी करने वालों के लिए ये मैसेज है।"एसपी का मानना है कि ऐसे अपराधी समाज में पैसा और ताकत दिखाकर "बड़ा आदमी" बनने की कोशिश करते हैं। लाखों-करोड़ों का इनाम रखने से उनकी इज्जत बढ़ती है, लेकिन 25 पैसे जैसी मामूली राशि से उनकी "औकात" बताई जाती है और सामाजिक अपमान होता है, जिससे उनके हौसले टूटते हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। हालांकि, यह इनाम मुख्य रूप से गिरफ्तारी में मदद के लिए नहीं, बल्कि आरोपी के दिखावे को तोड़ने के लिए है। आमतौर पर वांछित अपराधियों पर हजारों या लाखों रुपये का इनाम रखा जाता है, लेकिन इस बार राशि इतनी कम रखकर पुलिस ने एक मजबूत संदेश दिया है।

समाज में चर्चा और प्रभाव

यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे पुलिस की क्रिएटिव और सख्त रणनीति मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे मजाकिया भी बता रहे हैं। नागौर पुलिस का यह कदम नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा लगता है, जहां अपराधियों को सिर्फ कानूनी सजा नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी चुनौती दी जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.