सीकर में दो साल पुराने हत्या मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार: विदेश से लौटे युवक को पैसे के लेन-देन के विवाद में पीट-पीटकर मार डाला था
राजस्थान के सीकर जिले में दो साल पुराने हत्या मामले में फरार मुख्य आरोपी अब्दुल हाकिम को उद्योग नगर पुलिस ने डीडवाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 2023 में विदेश से छुट्टी पर आए महिपाल जाट की पैसों के लेन-देन के विवाद में अपहरण के बाद बेरहमी से पिटाई करके हत्या कर दी गई थी। आरोपी पर 20 हजार का इनाम घोषित था और वह विदेश भागने की फिराक में था।
सीकर, 25 दिसंबर 2025: राजस्थान के सीकर जिले में दो साल पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उद्योग नगर थाना पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी अब्दुल हाकिम को गिरफ्तार कर लिया है, जो घटना के बाद से फरार चल रहा था। आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने उसे डीडवाना क्षेत्र से पकड़ा, जहां वह विदेश भागने की फिराक में था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
घटना की पूरी कहानी: कैसे हुई थी महिपाल की हत्या यह वारदात 9 नवंबर 2023 की है। पीड़ित महिपाल जाट, जो विदेश में नौकरी करता था, 5 नवंबर 2023 को अपने गांव मानासी (लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र) छुट्टी मनाने आया था। 9 नवंबर की दोपहर करीब 3 बजे महिपाल अपने पोते दिलीप के साथ बलेनो कार से लक्ष्मणगढ़ गया था। वापसी के दौरान मानासी पावर हाउस के पास अचानक चार गाड़ियां आईं, जिनमें एक दर्जन से अधिक लोग सवार थे।ये लोग नीचे उतरे और महिपाल व दिलीप को जबरन कैंपर गाड़ी में डाल लिया। महिपाल की बलेनो कार भी अपने साथ ले गए। रास्ते में बदमाशों ने महिपाल से पैसे की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो जान से मार देंगे। महिपाल ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं, लेकिन एक परिचित के पास हैं। इस पर बदमाश परिचित के गांव ले गए, लेकिन वहां परिचित नहीं मिला। बदमाशों ने महिपाल पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।इसके बाद बदमाश महिपाल और दिलीप को फतेहपुर के बीहड़ क्षेत्र में ले गए। वहां सोनू मीणा, मोहित सहित अन्य लोगों ने महिपाल के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट इतनी बुरी थी कि महिपाल बेहोश हो गया। आखिरकार बदमाशों ने दोनों को लक्ष्मणगढ़ अस्पताल के पास पटक दिया और महिपाल की कार लेकर फरार हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिपाल को मृत घोषित कर दिया।महिपाल के पिता भगवानाराम जाट ने लक्ष्मणगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया। रिपोर्ट में बताया गया कि पुराने पैसे के लेन-देन के विवाद में महिपाल और दिलीप का अपहरण किया गया था, जो बाद में हत्या में बदल गया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारियां मुकदमे के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। कई आरोपी गिरफ्तार हुए, लेकिन अब्दुल हाकिम उर्फ हाकिम (निवासी शेरानी आबाद, खूनखुना) फरार हो गया। पुलिस ने उसके ठिकानों पर कई बार छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। 3 दिसंबर 2023 को पुलिस ने अब्दुल हाकिम पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।दो साल बाद, 24 दिसंबर 2025 को उद्योग नगर थाने के कॉन्स्टेबल देवीलाल को सूचना मिली कि आरोपी डीडवाना क्षेत्र में घूम रहा है और विदेश भागने की योजना बना रहा है। देवीलाल ने यह जानकारी कॉन्स्टेबल महावीर को दी। महावीर ने कुचामन DST में तैनात कॉन्स्टेबल सुशील को बताया। सुशील ने डीडवाना पुलिस के सहयोग से आरोपी को पकड़ लिया। बाद में उद्योग नगर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर लक्ष्मणगढ़ पुलिस को सौंप दिया।इस गिरफ्तारी में उद्योग नगर थाने के कॉन्स्टेबल देवीलाल की भूमिका सराहनीय रही। थानाधिकारी राजेश कुमार बुडानिया ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि मामले के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।