सीकर: पैसे कमाने निकले दो नाबालिग भाई 10 दिन बाद कुचामन में मिले
सीकर में हॉस्टल से लापता हुए दो नाबालिग सगे भाई 10 दिन बाद कुचामन में मिल गए। दोनों रुपए कमाने के लिए घर से निकले थे, जिन्हें मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने डिटेन किया।
सीकर जिले के उद्योग नगर थाना क्षेत्र से लापता हुए दो नाबालिग सगे भाइयों को पुलिस ने 10 दिन बाद कुचामन से बरामद कर लिया। दोनों भाई बिना किसी को बताए हॉस्टल छोड़कर पैसे कमाने के लिए निकल गए थे। मोबाइल लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने मंगलवार शाम को उन्हें डिटेन किया।
हॉस्टल से अचानक हो गए थे लापता
पुलिस के अनुसार 28 फरवरी को 15 और 17 साल के दो छात्र हॉस्टल से बिना बताए कहीं चले गए थे। दोनों सीकर के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। बड़ा भाई 11वीं और छोटा भाई 9वीं कक्षा का छात्र है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने 1 मार्च को उद्योग नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
काम की तलाश में कई शहरों में भटके
जांच में सामने आया कि परीक्षा खत्म होने के बाद दोनों भाइयों ने पैसे कमाने के लिए हॉस्टल छोड़ने का फैसला किया। वे ट्रेन से पहले किशनगढ़ पहुंचे और वहां काम ढूंढने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वे नागौर और फिर कुचामन पहुंच गए। इस दौरान दोनों ने कई रातें रेलवे स्टेशनों पर गुजारी।
मोबाइल ऑन होते ही मिली लोकेशन
पुलिस को जानकारी मिली थी कि दोनों के पास एक मोबाइल फोन है, लेकिन वह लगातार बंद था। कुचामन में कुछ देर के लिए मोबाइल चालू होते ही पुलिस को उनकी लोकेशन मिल गई। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों भाइयों को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
परिवार की स्थिति भी बनी वजह
पुलिस के अनुसार दोनों भाइयों की मां का करीब 12 साल पहले निधन हो चुका है, जबकि पिता शराब पीने के आदी हैं। ऐसे में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से एक NGO ने दोनों को पढ़ाई के लिए सीकर भेजा था।
पुलिस ने दी बच्चों को सही दिशा देने की सलाह
उद्योग नगर थाना प्रभारी राजेश कुमार बुडानिया ने कहा कि बच्चों को सही मार्गदर्शन और प्रेरणा देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है, ताकि वे किसी गलत दिशा में न जाएं।