राजस्थान में LPG गैस सिलेंडर संकट: टोंक में सरकारी स्कूलों के पोषाहार के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर सप्लाई रोकी, हॉस्टल-मैस में खाना बनना बंद, कालाबाजारी से हंगामा

राजस्थान में ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव से वैश्विक गैस आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई ठप हो गई है। टोंक में सरकारी स्कूलों के पोषाहार कार्यक्रम के लिए सिलेंडर रोके गए, अलवर में एजेंसी पर ग्राहकों का हंगामा हुआ, जयपुर में 2500 रुपये तक सिलेंडर बिक रहे हैं, कोटा में हॉस्टल-मैस बंद हो गए। कालाबाजारी के आरोप लगे हैं, जबकि घरेलू गैस को प्राथमिकता दी जा रही है। होटल-रेस्टोरेंट कारोबार संकट में है।

Mar 11, 2026 - 13:59
राजस्थान में LPG गैस सिलेंडर संकट: टोंक में सरकारी स्कूलों के पोषाहार के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर सप्लाई रोकी, हॉस्टल-मैस में खाना बनना बंद, कालाबाजारी से हंगामा

राजस्थान में घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में दिख रहा है। तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, मैस और सरकारी स्कूलों के पोषाहार कार्यक्रम पर गहरा असर पड़ रहा है। कई जगहों पर कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं, जहां तय दर से कहीं ज्यादा कीमत पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं।

टोंक में पोषाहार कार्यक्रम प्रभावित

टोंक जिले में बुंदेल गैस एजेंसी ने सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए दिए जाने वाले पोषाहार (मिड-डे मील) के कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह रोक दी है। एजेंसी संचालक दिनेश बुंदेल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया कि भारत गैस कंपनी के मौखिक आदेश पर यह कदम उठाया गया है। हालांकि, जिले की अन्य गैस एजेंसियों ने प्रशासन को ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है। इससे स्कूलों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है और बच्चों के पोषण पर असर पड़ने की आशंका है।

अलवर में एजेंसी पर ग्राहकों का हंगामा

अलवर में बुधवार सुबह मॉडर्न गैस सर्विस एजेंसी के ऑफिस में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने एजेंसी मालिक पर कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ती देख मालिक ने खुद को ऑफिस में लॉक कर लिया। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई।

जयपुर में खुलेआम कालाबाजारी, 2500 रुपए तक सिलेंडर

जयपुर के त्रिवेणी नगर जैसे इलाकों में होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर तय दर (लगभग 1911 रुपए) से काफी ज्यादा में बिक रहे हैं। एक सिलेंडर 2500 रुपए तक पहुंच गया है। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर के सामने ही एक गैस एजेंसी की सप्लाई वैन पहुंची और रेस्टोरेंट मालिक को करीब 700 रुपए अतिरिक्त वसूलकर सिलेंडर दिया। संचालकों का कहना है कि महंगाई पहले से ही परेशान कर रही है, अब सिलेंडर की मनमानी कीमतों से कारोबार बंद होने की नौबत आ गई है।

कोटा में हॉस्टल-मैस का खाना बनना बंद

कोटा में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई न होने से हजारों प्राइवेट हॉस्टल और मैस प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर खाना बनाना पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कुछ हॉस्टल इलेक्ट्रिक उपकरण या कोयले की भट्टी का सहारा ले रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। छात्रों के भोजन पर संकट मंडरा रहा है।

अन्य जिलों में भी यही हाल

राज्य के अधिकतर जिलों में घरेलू गैस की सप्लाई में भी देरी और कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं। हालांकि, घरेलू सिलेंडरों की स्थिति ज्यादातर जगह सामान्य बताई जा रही है, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडरों की कमी से कैटरिंग, शादी-समारोह और छोटे-बड़े कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। जैसलमेर जैसी जगहों पर भी केवल कॉमर्शियल सिलेंडरों की कमी की शिकायतें आई हैं।

सरकारी कदम और कंपनियों का दावा

केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA), 1955 लागू कर दिया है। गैस को चार कैटेगरी में बांटा गया है, जिसमें घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी गई है। राजस्थान सरकार और फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग ने कहा है कि कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य है, लेकिन ग्राउंड पर स्थिति अलग दिख रही है। एजेंसियां कंपनी के आदेश का हवाला दे रही हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.