साध्वी प्रेम बाईसा का आज पैतृक गांव परेऊ में अंतिम संस्कार: साधु-संतों और हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, समाधि दी जाएगी
राजस्थान की प्रसिद्ध युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर आश्रम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इंजेक्शन लगने के बाद हालत बिगड़ी, मौत के घंटों बाद उनके इंस्टाग्राम से 'अग्नि परीक्षा' और न्याय की मांग वाली पोस्ट वायरल हुई। आज पैतृक गांव परेऊ में अंतिम संस्कार और समाधि दी गई, जहां हजारों भक्त-साधु उमड़े। मामले में जांच जारी, CBI की मांग तेज।
राजस्थान के बालोतरा (बाड़मेर) जिले के परेऊ गांव में आज शुक्रवार को प्रसिद्ध युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। उनकी असामयिक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। पैतृक गांव परेऊ में बड़ी संख्या में साधु-संत, भक्त और स्थानीय लोग उनके अंतिम दर्शन और संस्कार के लिए उमड़ पड़े हैं। गांव में बाजार बंद हैं और शोक का माहौल छाया हुआ है।
साध्वी प्रेम बाईसा (उम्र लगभग 23-25 वर्ष) मूल रूप से परेऊ गांव की रहने वाली थीं। उन्होंने बचपन से ही आध्यात्मिक मार्ग अपनाया था। मां की मौत के बाद वे आश्रम में रहकर कथा वाचन और भजन गायन के माध्यम से लाखों लोगों की श्रद्धा जीती थीं। जोधपुर के साधना कुटीर आश्रम और अन्य स्थानों पर उनके कार्यक्रमों में भारी भीड़ जुटती थी।
मौत की घटना और संदिग्ध परिस्थितियां
साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत पिछले दो दिनों से खराब चल रही थी। बुधवार (28 जनवरी 2026) को जोधपुर के उनके आश्रम में उन्होंने बुखार के इलाज के लिए एक इंजेक्शन (रिपोर्ट्स के अनुसार DEXONA) लगवाया, जो किसी कंपाउंडर ने दिया। इंजेक्शन लगने के महज कुछ मिनट बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं।
परिजनों ने उन्हें तुरंत पाल रोड स्थित प्रेक्षा (प्रेक्षा) हॉस्पिटल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' (मृत अवस्था में लाए गए) घोषित कर दिया। शव को पहले एमजीएच (MDM) मॉर्चरी में रखा गया, जहां पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान कुछ विवाद हुआ, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।
गुरुवार देर शाम उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव परेऊ लाई गई। गांव पहुंचते ही उनके पिता वीरमनाथ भावुक होकर रो पड़े और बेटी का शव देखकर बेहोश भी हो गए। रात भर श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
आज का अंतिम संस्कार और समाधि
शुक्रवार सुबह शिव शक्ति धाम (या संबंधित आश्रम/स्थल) परेऊ में उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया जा रहा है। साधु परंपरा के अनुसार, अंतिम संस्कार के बाद उन्हें समाधि दी जाएगी। गांव में साधु-संतों की बड़ी संख्या मौजूद है, साथ ही हजारों भक्त और स्थानीय लोग शोक सभा में शामिल हो रहे हैं। पूर्व सरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौके पर हैं।
मौत को लेकर उठ रहे सवाल
मामले में संदेह की वजह से पुलिस जांच कर रही है। मौत के चार घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट (अग्नि परीक्षा, अलविदा, न्याय की मांग जैसी बातें) वायरल हुई, जिसने रहस्य गहरा दिया। कुछ लोग आत्महत्या का कोण देख रहे हैं, तो कुछ इंजेक्शन या अन्य परिस्थितियों पर सवाल उठा रहे हैं। हनुमान बेनीवाल जैसे नेता CBI जांच की मांग कर चुके हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत का सही कारण बताएगी।