भरतपुर के पथैना गांव में राजीविका महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन: 8 महीने से नहीं मिला वेतन, पानी की टंकी पर चढ़कर जताया विरोध

राजस्थान के भरतपुर जिले के पथैना गांव में राजीविका योजना के तहत सफाई कार्य करने वाली महिलाएं 8 महीने से वेतन न मिलने से परेशान होकर गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उन्होंने कई बार सरपंच से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। महिलाओं की मांग है कि अधिकारी मौके पर आएं और समस्या का समाधान करें। घटना के करीब 30 मिनट बाद भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।

Dec 27, 2025 - 13:08
भरतपुर के पथैना गांव में राजीविका महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन: 8 महीने से नहीं मिला वेतन, पानी की टंकी पर चढ़कर जताया विरोध

राजस्थान के भरतपुर जिले के पथैना गांव में शनिवार दोपहर एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गांव में राजीविका योजना के तहत सफाई कार्य करने वाली महिलाएं लंबे समय से वेतन न मिलने से परेशान होकर पानी की टंकी पर चढ़ गईं। महिलाओं का आरोप है कि पिछले 8 महीनों से उन्हें सैलरी नहीं मिली है, जिससे घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।

घटना का विवरण शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे पथैना गांव की राजीविका से जुड़ी महिलाएं गांव में स्थित ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गईं। ये महिलाएं गांव में ही राजीविका कार्यक्रम के अंतर्गत सफाई कर्मी के रूप में काम करती हैं। वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी का सामना कर रही इन महिलाओं ने कई बार गांव के सरपंच से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, हताश होकर उन्होंने यह कदम उठाया।महिलाओं ने टंकी पर चढ़कर नारे लगाए और अपनी मांग रखी कि जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आता और उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, वे नीचे नहीं उतरेंगी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने प्रशासन को सूचित कर दिया। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने के करीब 30 मिनट बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

महिलाओं की पीड़ा एक महिला ने कहा, "8 महीने से सैलरी नहीं मिली है। घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चे, परिवार सब परेशान हैं। सरपंच से कई बार कहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।"राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार प्रदान करने के लिए चलाई जाती है। इसमें सफाई जैसे कार्यों के लिए महिलाओं को नियुक्त किया जाता है और नियमित वेतन दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में लंबी देरी से महिलाओं का सब्र टूट गया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे क्या? फिलहाल, खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है कि महिलाएं टंकी से नीचे उतरीं या उनकी मांग पूरी हुई। ऐसे प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की कमियों को उजागर करते हैं, जहां वेतन या भुगतान में देरी आम समस्या बनी हुई है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप करेगा और इन महिलाओं को उनका हक दिलाएगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.