राजस्थान में शिक्षकों की पदोन्नति पर नई हलचल, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बड़ा बयान.
राजस्थान में अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता पदों की पदोन्नति (डीपीसी) लंबित है। शिक्षा विभाग ने अब तक 50,000 से अधिक पदों की डीपीसी की, लेकिन कई शिक्षक अभी भी पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। 31 मार्च तक बकाया डीपीसी पूरी न होने पर 1 अप्रैल से नई डीपीसी में शेष पद भी शामिल हो जाएंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शेष डीपीसी जल्द पूरी की जाएगी।
पाली:- राजस्थान में शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) का मामला चर्चा में है। शिक्षा विभाग में अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता और उप प्राचार्य समेत कई पदों की डीपीसी (Departmental Promotion Committee) शेष है, जिससे रिक्त पदों की संख्या का गणित गड़बड़ा रहा है।
इस साल अब तक शिक्षा विभाग ने करीब 50 हजार पदों की डीपीसी पूरी कर दी है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में शिक्षक और अधिकारी पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं।
डीपीसी की बकाया स्थिति:
अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक: 5 सत्र की डीपीसी शेष, लगभग 25,000 अध्यापक इंतजार में।
वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता: 2 सत्र की डीपीसी लंबित, लगभग 10,000 शिक्षक इंतजार में।
उप प्राचार्य से प्राचार्य: 1 सत्र की डीपीसी शेष, लगभग 2,500 उप प्राचार्य इंतजार में।
इसके अलावा, व्याख्याता से वरिष्ठ व्याख्याता/वीपी के लिए अभी पद निर्धारित नहीं किए गए हैं।
रिक्त पदों का आंकड़ा:
उप प्राचार्य व समकक्ष: 7,400 पद
प्राध्यापक: 16,800 पद
वरिष्ठ अध्यापक: 41,900 पद
पूर्व प्रवक्ता बसन्त कुमार ज्याणी के अनुसार, तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक तक की 5 सत्र की पदोन्नतियां अभी लंबित हैं। यदि बकाया डीपीसी शीघ्र पूरी कर दी जाती है तो सीधी भर्ती की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी।
शिक्षा मंत्री का बयान:
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया है कि सरकार चाहती है कि शेष डीपीसी जल्द पूरी हो। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा 50 हजार से अधिक पदों की डीपीसी पहले ही की जा चुकी है और शेष पदों की डीपीसी भी जल्द कर दी जाएगी।
आगे की प्रक्रिया:
यदि 31 मार्च तक सभी बकाया डीपीसी नहीं हो पाती हैं, तो 1 अप्रैल से नए सत्र की डीपीसी में बकाया डीपीसी भी शामिल हो जाएगी। इसका मतलब है कि लंबित पदोन्नतियों का दबाव और बढ़ जाएगा।