राजस्थान के स्कूलों में हाफ ईयरली एग्जाम की धूम: क्लास 9 से 12 तक के 27 लाख छात्र एक साथ परीक्षा की तैयारी में जुटे

राजस्थान में शिक्षा विभाग की समान परीक्षा योजना के तहत बीकानेर सहित पूरे प्रदेश में 9वीं से 12वीं तक की हाफ ईयरली परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हो गईं। करीब 27 लाख छात्र एक ही पेपर और एक ही टाइम टेबल पर बोर्ड पैटर्न की परीक्षा दे रहे हैं। दो पारियों में चल रही ये परीक्षाएं सरकारी व निजी दोनों स्कूलों में एक साथ हो रही हैं।

Nov 21, 2025 - 16:09
राजस्थान के स्कूलों में हाफ ईयरली एग्जाम की धूम: क्लास 9 से 12 तक के 27 लाख छात्र एक साथ परीक्षा की तैयारी में जुटे

बीकानेर, 21 नवंबर 2025: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने एक नई पहल के तहत प्रदेश भर के सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए हाफ ईयरली परीक्षाओं को एकसमान समय सारिणी पर शुरू कर दिया है। गुरुवार से आरंभ हुई यह परीक्षा योजना छात्रों की पढ़ाई को मानकीकृत करने और बोर्ड स्तर की तैयारी को मजबूत बनाने का उद्देश्य रखती है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 27 लाख छात्र इन परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं, जो शिक्षा विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना की व्यापकता को दर्शाता है।

एकसमान पेपर और समय सारिणी: बोर्ड पैटर्न पर आधारित परीक्षा शिक्षा विभाग की 'समान परीक्षा योजना' के अंतर्गत यह पहली बार है जब पूरे राजस्थान में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी छात्रों के लिए हाफ ईयरली परीक्षाएं एक ही पेपर सेट और एक ही टाइम टेबल के साथ आयोजित की जा रही हैं। परीक्षाएं पूरी तरह से राजस्थान बोर्ड पैटर्न पर आधारित हैं, जिसमें वस्तुनिष्ठ (MCQ), लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का समावेश है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी से पहले ही वास्तविक परीक्षा वातावरण का अनुभव कराना है, ताकि वे तनावमुक्त होकर अपनी कमजोरियों को सुधार सकें।परीक्षाओं का आयोजन दो पारियों में किया जा रहा है। पहली पारी सुबह 8:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:00 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पारी दोपहर 1:30 बजे से संध्याकाल 5:30 बजे तक निर्धारित है। इस व्यवस्था से स्कूलों में भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा और छात्रों को पर्याप्त आराम का समय मिलेगा। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर जैसे प्रमुख शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के स्कूलों में यह परीक्षा एक साथ हो रही है। शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्ती से नियमों का पालन हो, जिसमें ई-रिकॉर्डिंग और CCTV निगरानी का प्रावधान भी शामिल है।

27 लाख छात्रों की भागीदारी: चुनौतियां और तैयारी प्रदेश भर में करीब 27 लाख छात्र इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिसमें सरकारी स्कूलों के लगभग 20 लाख और निजी स्कूलों के 7 लाख छात्र प्रमुख हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक बयान में कहा, "यह योजना छात्रों को समान अवसर प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षकों को मूल्यांकन में एकरूपता लाने में मदद करेगी। हमारा लक्ष्य है कि हर छात्र बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करे।" विभाग ने परीक्षा से पहले सभी स्कूलों को प्रश्न पत्रों की सुरक्षित वितरण और मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।हालांकि, कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण कुछ स्कूलों में परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था में देरी हुई, लेकिन विभाग ने त्वरित कदम उठाकर इसे हल किया। इसके अलावा, मौसम की मार के बीच छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी गई है, जैसे पर्याप्त जलाहार और आराम। अभिभावक संगठनों ने इस योजना का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने मूल्यांकन रिपोर्ट को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग भी की है।

योजना का भविष्य: डिजिटल मूल्यांकन और सुधार शिक्षा विभाग ने बताया कि परीक्षाओं के मूल्यांकन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा, जिससे परिणाम एक सप्ताह के अंदर घोषित हो सकेंगे। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और त्रुटियों को कम करने में सहायक सिद्ध होगा। आने वाले वर्षों में इस योजना को कक्षा 6वीं से 8वीं तक विस्तारित करने की योजना है, ताकि प्रारंभिक स्तर से ही छात्रों की तैयारी मजबूत हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राजस्थान का शिक्षा स्तर राष्ट्रीय औसत से ऊपर पहुंचेगा।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.