राजस्थान में नई कॉमर्शियल LPG नीति लागू: 40% से 100% तक गैस आवंटन, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा सिलेंडर
राजस्थान सरकार ने नई कॉमर्शियल LPG नीति लागू की। अलग-अलग सेक्टर को 40% से 100% तक गैस आवंटन होगा, जबकि बिना रजिस्ट्रेशन अब सिलेंडर नहीं मिलेगा।
राजस्थान में कॉमर्शियल एलपीजी (LPG) को लेकर नई नीति लागू कर दी गई है, जिसके तहत अब अलग-अलग उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर 40 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक गैस आवंटन किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सीमित आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देना है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि 8 मार्च को केंद्र सरकार ने एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी थी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस मिल सके। अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से कॉमर्शियल सप्लाई धीरे-धीरे बहाल की जा रही है, जो फिलहाल करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
अलग-अलग सेक्टर के लिए तय कोटा
नई नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए गैस आवंटन इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और डेयरी सेक्टर: 60%
- औद्योगिक इकाइयां: 40%
- अन्य कॉमर्शियल उपभोक्ता: 50%
- मंदिर, विवाह समारोह और धार्मिक आयोजन: 50%
वहीं फूड कार्ट संचालकों और प्रवासी श्रमिकों को आवश्यकता के अनुसार 5 किलो के अधिकतम दो सिलेंडर दिए जाएंगे।
इन संस्थानों को मिलेगी 100% सप्लाई
सरकार ने कुछ आवश्यक सेवाओं को पूरी प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत गैस सप्लाई सुनिश्चित की है। इनमें सरकारी अस्पताल, स्कूल-कॉलेज (होस्टल और मिड-डे मील सहित), सरकारी कार्यालयों के कैंटीन, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के मेस, सहकारी समितियों के कैंटीन और शोध संस्थान शामिल हैं।
खपत के आधार पर होगा आवंटन
नई व्यवस्था के तहत गैस आवंटन का निर्धारण अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच की औसत खपत के आधार पर किया जाएगा। इसमें वैकल्पिक ईंधन और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को घटाकर वास्तविक जरूरत तय की जाएगी।
यदि किसी जिले में अतिरिक्त गैस उपलब्ध रहती है, तो कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति अतिरिक्त आवंटन का निर्णय ले सकेगी।
रजिस्ट्रेशन जरूरी, PNG को बढ़ावा
नई नीति के अनुसार सभी कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को संबंधित ऑयल गैस कंपनी के वितरक के साथ रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन किसी को भी सिलेंडर नहीं मिलेगा।
जिन क्षेत्रों में PNG पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को पहले PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। कनेक्शन मिलने तक ही वे एलपीजी का उपयोग कर सकेंगे।
10% अतिरिक्त आवंटन को मिली मंजूरी
हाल ही में केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त कॉमर्शियल LPG आवंटन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों और पेट्रोलियम क्षेत्र में सुधारों के कारण यह संभव हो पाया है।