राजस्थान विधानसभा में तीखी नोकझोंक: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- डोटासरा ने 'भांग' खाकर अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोले; जूली ने पलटवार किया, साथ ही कोच भर्ती और मनरेगा भुगतान पर भी चर्चा
राजस्थान विधानसभा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस के पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने 'भांग' खाकर 3737 स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदला लेकिन कोई पद सृजित नहीं किया, जिससे कई स्कूलों में नाममात्र बच्चे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पलटवार किया और मंत्री पर ही 'भांग' का आरोप लगाया। सदन में हंगामा हुआ। साथ ही खेल मंत्री ने 140 स्थायी और 700 टेंपरेरी कोच की भर्ती की घोषणा की, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मनरेगा में मजदूरी भुगतान में देरी स्वीकार की और केंद्र पर दोष डाला।
राजस्थान विधानसभा के हालिया सत्र में शिक्षा, खेल और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर जोरदार बहस हुई। सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच हुई तीखी नोकझोंक, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर टिप्पणी की गई। इसके अलावा खेल विभाग में कोचों की भर्ती और मनरेगा मजदूरों के भुगतान में देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
अंग्रेजी मीडियम और विवेकानंद मॉडल स्कूलों पर हंगामा
बीजेपी विधायक बालकनाथ के सवाल पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किए गए अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के फैसले पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 3737 स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम में बदल दिया, लेकिन एक भी पद सृजित नहीं किया। शिक्षकों को ऐसे लगाया जो अंग्रेजी मीडियम में पढ़े हुए नहीं थे। कई स्कूलों में बस सेवा का भी प्रावधान नहीं था।
दिलावर ने आगे कहा कि कई स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक, दो या दस बच्चे हैं। क्या ऐसे स्कूलों में सभी ग्रेड के शिक्षक लगाए जाएं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "पता नहीं भांग खाकर स्कूल खोल दिए। शिक्षा मंत्री रहते डोटासराजी ने भांग खाई हुई थी।" उन्होंने विशेष रूप से लक्ष्मणगढ़ (डोटासरा का क्षेत्र) का जिक्र किया, जहां 203 स्कूल अंग्रेजी मीडियम में बदले गए, लेकिन कोई पद सृजित नहीं किया गया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसका कड़ा विरोध जताया। उन्होंने पूछा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों का कैडर बनाया गया था, उसका क्या हुआ? स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में कितने पद खाली हैं? जूली ने कहा कि कम बच्चों वाले स्कूलों में भी बच्चों को पढ़ने का अधिकार है। ड्रॉपआउट बढ़ रहा है तो यह सरकार की कमी है।
दिलावर के 'भांग' वाले बयान पर जूली ने पलटवार किया, "आप शिक्षा मंत्री हैं, यह क्या जवाब दे रहे हो? लगता है आप भांग खाकर जवाब दे रहे हो?" दिलावर ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी डोटासरा के लिए थी, क्योंकि उस समय वे शिक्षा मंत्री थे।
इस दौरान सदन में हंगामा हुआ और नोकझोंक बढ़ गई। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि ये स्कूल केंद्र की योजना के तहत खुले थे और अधिकांश में पर्याप्त बच्चे हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद स्कूलों के कैडर पर भी सवाल उठाया। दिलावर ने कहा कि अब पद सृजित कर शिक्षक लगाए जा रहे हैं और बच्चों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
खेल विभाग में बड़ी भर्ती का ऐलान
खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने निर्दलीय विधायक युनूस खान के सवाल के जवाब में घोषणा की कि खेल विभाग में 140 स्थायी (परमानेंट) और 700 टेंपरेरी कोच की भर्ती होगी। उन्होंने कहा कि 2012 के बाद पहली बार भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। 140 परमानेंट कोच की भर्ती के लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है और कर्मचारी चयन बोर्ड आगे की कार्यवाही कर रहा है। 700 टेंपरेरी कोच से अधिकांश खेल प्रशिक्षण केंद्रों पर कोच उपलब्ध हो जाएंगे।युनूस खान ने मेजर ध्यानचंद स्कीम में विधायक कोटे से 1 करोड़ देने की पेशकश की, जिस पर राठौड़ ने कहा कि नियमों के अनुसार वित्त विभाग को मामला भेजा जाएगा।
मनरेगा में भुगतान देरी: मंत्री ने माना दोष
ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के पूरक सवाल पर माना कि मनरेगा में समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है। मजदूरों को 15 दिनों में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन देरी हो रही है। मीणा ने कारण बताए:केंद्रीय अंशदान नहीं मिलना।जरूरी दस्तावेज पूरे न होने से देरी।मैटेरियल सप्लाई के टेंडर समय पर न होना।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी गई है और वे खुद मिलेंगे। जैसे ही केंद्रीय अंशदान मिलेगा, बकाया भुगतान कर दिया जाएगा।