जयपुर में 12 जून को जुटेगा हजारों किसानों का महाकुंभ! सीएम भजनलाल और राज्यपाल देंगे 'कम लागत में बंपर कमाई' का गुरुमंत्र

जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में 12 जून को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा किसान सम्मेलन होने जा रहा है।

Jun 10, 2026 - 17:17
जयपुर में 12 जून को जुटेगा हजारों किसानों का महाकुंभ! सीएम भजनलाल और राज्यपाल देंगे 'कम लागत में बंपर कमाई' का गुरुमंत्र

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में आगामी 12 जून को एक बड़े किसान सम्मेलन और कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देना है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा की ओर से आयोजित होने वाले इस महा-सम्मेलन में राजस्थान के कोने-कोने से हजारों किसानों के जुटने की उम्मीद है, जिसके लिए जिला स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं।

कार्यशाला में मुख्य रूप से इस बात पर मंथन होगा कि कैसे किसान भाई यूरिया और डीएपी जैसे महंगे रसायनों को छोड़कर गौ-आधारित कृषि अपनाएं और अपनी खेती की लागत को आधा कर सकें।

सीएम भजनलाल, राज्यपाल और राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे संबोधित

भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने इस बड़े कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में किसानों का हौसला बढ़ाने और उन्हें नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे और किसानों को संबोधित करेंगे।

रासायनिक खादों की निर्भरता खत्म करने पर जोर

कैलाश चौधरी ने वर्तमान खेती की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज का किसान यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गया है। इससे न सिर्फ खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, बल्कि हमारी जमीन की उपजाऊ क्षमता और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। अब वह समय आ चुका है जब हमारे अन्नदाता को अपनी पारंपरिक और प्राकृतिक कृषि की ओर लौटना होगा।

कम लागत में अधिक मुनाफे का 'गौ-आधारित मॉडल'

इस कार्यशाला के जरिए किसानों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और एक्सपर्ट्स की राय दी जाएगी। किसानों को मुख्य रूप से इन बातों की जानकारी मिलेगी:

  • गौ-आधारित खेती: गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार होने वाले खेती के मॉडल्स।

  • जैविक संसाधन: घर पर ही जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खाद बनाने का तरीका।

  • लागत में कमी: बिना महंगे केमिकल खरीदे कम खर्च में टिकाऊ और ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल कैसे लें।

  • जमीन का सुधार: मिट्टी की उर्वरता (गुणवत्ता) को सुधारना, जल संरक्षण और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना।

सफल किसान और कृषि वैज्ञानिक भी बांटेंगे अनुभव

इस महा-सम्मेलन में सिर्फ भाषण नहीं होंगे, बल्कि देश-प्रदेश के जाने-माने कृषि विशेषज्ञ और वे अनुभवी किसान भी शामिल होंगे जो पिछले कई सालों से प्राकृतिक खेती कर बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। ये सफल किसान ग्राउंड लेवल पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधानों को सीधे आम किसानों के साथ साझा करेंगे।

आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यशाला से ट्रेनिंग लेकर निकलने वाले किसान अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य किसानों को भी प्रेरित करेंगे, जिससे राजस्थान में कृषि क्षेत्र को एक नई और सुरक्षित दिशा मिलेगी।

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