अरुणाचल प्रदेश में 3.4 तीव्रता का हल्का भूकंप, कोई जनहानि या नुकसान नहीं

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुभानसिरी जिले में 25 दिसंबर 2025 को दोपहर 3:45 बजे रिक्टर स्केल पर 3.4 तीव्रता का हल्का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, कोई जनहानि या नुकसान नहीं हुआ। यह क्षेत्र हिमालयी भूकंपीय जोन में होने से ऐसे छोटे भूकंप आम हैं।

Dec 25, 2025 - 18:23
अरुणाचल प्रदेश में 3.4 तीव्रता का हल्का भूकंप, कोई जनहानि या नुकसान नहीं

इटानगर/नई दिल्ली: क्रिसमस के दिन यानी 25 दिसंबर 2025 को दोपहर में अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुभानसिरी जिले में रिक्टर स्केल पर 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology - NCS) के अनुसार, यह भूकंप ठीक दोपहर 3:45 बजे आया। भूकंप का केंद्र जमीन से मात्र 5 किलोमीटर की गहराई पर था, जिसके निर्देशांक 27.53°N अक्षांश और 93.89°E देशांतर दर्ज किए गए।यह एक हल्की तीव्रता का भूकंप था, जिसके कारण अभी तक किसी तरह के नुकसान, जनहानि या संपत्ति को क्षति की कोई खबर नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने भी क्षेत्र में सर्वेक्षण के बाद कोई बड़ा प्रभाव नहीं होने की पुष्टि की है। भूकंप के झटके मुख्य रूप से लोअर सुभानसिरी और आसपास के इलाकों में महसूस किए गए, लेकिन चूंकि तीव्रता कम थी, इसलिए लोगों में ज्यादा घबराहट नहीं हुई।

क्यों आते रहते हैं अरुणाचल प्रदेश में भूकंप? अरुणाचल प्रदेश हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा है, जो भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक सक्रिय जोन (Seismic Zone V) में आता है। यह क्षेत्र भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव के कारण टेक्टॉनिक रूप से बहुत संवेदनशील है। यहां छोटे-बड़े भूकंप नियमित रूप से आते रहते हैं। NCS के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में हर साल सैकड़ों हल्के भूकंप दर्ज होते हैं, जिनमें से अधिकांश 3 से 4 तीव्रता के बीच होते हैं और आमतौर पर कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाते।हाल के वर्षों में भी अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे अपर सुभानसिरी, ईस्ट कामेंग, वेस्ट कामेंग और तवांग में इसी तरह की हल्की भूकंपीय गतिविधियां देखी गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये झटके क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन बड़े भूकंप की स्थिति में तैयारी जरूरी है।

भूकंप आने पर क्या करें? अगर घर के अंदर हैं तो मजबूत टेबल या बेड के नीचे छिप जाएं।खुले स्थान में जाएं, इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।भूकंप रुकने के बाद आफ्टरशॉक्स का ध्यान रखें।आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें यदि कोई क्षति हो।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.