Airtel यूजर्स को बड़ा झटका सस्ते प्लान खत्म,अब हर रिचार्ज पर देना होगा ज्यादा पैसा!

एयरटेल ने अपने प्रीपेड रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। 84 दिन वाला लोकप्रिय प्लान अब 859 रुपये से बढ़कर 899 रुपये का हो गया है, जबकि 799 रुपये वाला सस्ता प्लान भी बंद कर दिया गया है। इस बदलाव से यूजर्स पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ेगा और सस्ते विकल्प कम हो गए हैं।

Apr 20, 2026 - 13:49
Airtel  यूजर्स को बड़ा झटका सस्ते प्लान खत्म,अब हर रिचार्ज पर देना होगा ज्यादा पैसा!

नई दिल्ली: देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने अपने करोड़ों प्रीपेड ग्राहकों को एक बार फिर झटका दिया है। कंपनी ने अपने कुछ लोकप्रिय रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में बदलाव करते हुए उन्हें महंगा कर दिया है। यह बदलाव बिना किसी बड़े सार्वजनिक ऐलान के लागू किया गया, जिसके कारण कई यूजर्स को इसकी जानकारी रिचार्ज करते समय मिल रही है।

84 दिन वाले प्लान में हुआ बदलाव

सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरटेल के 84 दिनों की वैधता वाले एक लोकप्रिय प्रीपेड प्लान की कीमत पहले 859 रुपये थी। लेकिन अब इस प्लान के लिए यूजर्स को 899 रुपये चुकाने होंगे। यानी इस प्लान में करीब 40 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

इस प्लान में आमतौर पर अनलिमिटेड कॉलिंग, डाटा और एसएमएस की सुविधा दी जाती है, जिसके कारण यह बड़ी संख्या में यूजर्स के बीच काफी लोकप्रिय था।

सस्ता विकल्प हुआ कम

इसके साथ ही कंपनी ने 799 रुपये वाला एक अन्य प्रीपेड प्लान भी बंद कर दिया है। इस फैसले के बाद अब ग्राहकों के पास बजट फ्रेंडली विकल्प पहले की तुलना में कम हो गए हैं।

इस बदलाव से उन यूजर्स पर सीधा असर पड़ेगा जो लंबे वैलिडिटी वाले सस्ते प्लान्स का इस्तेमाल करते हैं। अब उन्हें पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना होगा।

 यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?

मासिक खर्च में बढ़ोतरी होगी

सस्ते रिचार्ज विकल्प सीमित हो जाएंगे

लंबी वैलिडिटी वाले प्लान्स की कीमत बढ़ने से बजट पर असर पड़ेगा

लगातार बढ़ती टैरिफ दरें

पिछले कुछ समय से टेलीकॉम कंपनियां समय-समय पर अपने प्लान्स की कीमतों में बदलाव कर रही हैं। डेटा खपत और नेटवर्क विस्तार के नाम पर टैरिफ बढ़ोतरी का ट्रेंड लगातार जारी है, जिससे आम मोबाइल यूजर्स की जेब पर असर पड़ रहा है।

एयरटेल के इस नए बदलाव के बाद ग्राहकों को अब मोबाइल रिचार्ज के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। खासकर मध्यम और बजट यूजर्स के लिए यह बदलाव असुविधाजनक साबित हो सकता है।