कोटा में एक और स्टूडेंट की संदिग्ध मौत: 9वीं मंजिल से गिरा 18 साल का ईशान पालीवाल, मौके पर ही तोड़ दिया दम
कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे भोपाल के 18 साल के ईशान पालीवाल की रॉयल इंपीरिया बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। दो साल से मां के साथ कोटा में रह रहा यह ड्रॉपर छात्र शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे गिरा था। हादसा है या आत्महत्या, पुलिस जांच कर रही है। मां सदमे में बेसुध हैं। 2025 में कोटा में स्टूडेंट्स की मौत का यह 22वां से ज्यादा मामला है।
कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में एक बार फिर कोचिंग स्टूडेंट की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। भोपाल (मध्य प्रदेश) का रहने वाला 18 साल का ईशान पालीवाल शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे रॉयल इंपीरिया नाम की मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से नीचे गिर गया। गंभीर चोट लगने की वजह से उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
क्या है पूरा मामला? ईशान पालीवाल पिछले दो साल से अपनी मां के साथ कोटा में किराए के फ्लैट पर रह रहा था। वह JEE (मेन + एडवांस्ड) की तैयारी कर रहा था और इसी साल ड्रॉपर बैच में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता विवेक पालीवाल भोपाल में इंजीनियर हैं और फिलहाल कोटा नहीं आए थे। हादसे के वक्त उसकी मां फ्लैट पर मौजूद थी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जब मां से पूछताछ शुरू की तो वह पूरी तरह बेसुध हो गईं और कुछ भी बताने की हालत में नहीं थीं।
पुलिस क्या कह रही है? जवाहर नगर डीएसपी योगेश शर्मा ने बताया:“शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे रॉयल इंपीरिया सोसाइटी में 9वीं मंजिल से एक युवक नीचे गिरा। स्थानीय लोगों ने तुरंत 112 और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायल अवस्था में युवक को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”पुलिस ने शव को MBS अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमॉर्टम शनिवार को होगा। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह दुर्घटना थी या आत्महत्या का मामला। फॉरेंसिक टीम (FST) और क्राइम टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाए हैं। स्टूडेंट का मोबाइल फोन कब्जे में लिया गया है, उसकी कॉल डिटेल और चैटिंग की जांच की जा रही है। साथ ही फ्लैट में कोई सुसाइड नोट मिला या नहीं, इसकी भी तलाश की जा रही है।
कोटा में 2025 में यह कितनी बड़ी घटना?
यह साल 2025 में कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स की मौत का यह मामला संख्या में 20 से ऊपर पहुंच चुका है (कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी से नवंबर तक 22-23 मामले दर्ज हो चुके हैं)। पिछले साल 2024 में कुल 29 स्टूडेंट्स ने अलग-अलग तरीकों से अपनी जान गंवाई थी, जो कोटा के इतिहास में सबसे ज्यादा था।हर बार की तरह इस घटना ने फिर सवाल उठाए हैं:कोचिंग का भयानक दबाव,हॉस्टल और PG में सुरक्षा की कमी ,मेंटल हेल्थ के प्रति लापरवाही ,पैरेंट्स और कोचिंग संस्थानों की जिम्मेदारी ,ईशान की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि “कोचिंग का हब” कहे जाने वाले इस शहर में हर साल दर्जनों होनहार बच्चे पढ़ाई के बोझ तले दबकर अपनी जान गंवा रहे हैं।