कोटा में 25 पैसे के इनामी हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा के अवैध मकानों पर चला बुलडोजर: साढ़े पांच घंटे चली कार्रवाई, पुलिस पर दो बार फायरिंग का आरोपी

कोटा के सांगोद क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा (25 पैसे इनामी, 34 मुकदमे) के सरकारी जमीन पर बने दो अवैध मकानों पर बुलडोजर चला। पुलिस पर दो बार फायरिंग का आरोपी आदिल हाल ही में गिरफ्तार हुआ था। साढ़े 5 घंटे चली कार्रवाई में भारी पुलिस बल, ड्रोन निगरानी के साथ दोनों मकान जमींदोज किए गए। प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध अतिक्रमण हटाया।

Jan 18, 2026 - 17:41
कोटा में 25 पैसे के इनामी हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा के अवैध मकानों पर चला बुलडोजर: साढ़े पांच घंटे चली कार्रवाई, पुलिस पर दो बार फायरिंग का आरोपी

राजस्थान के कोटा जिले में प्रशासन ने अपराधियों और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा, जिसके सिर पर महज 25 पैसे का इनाम रखा गया था, उसके दो अवैध मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सांगोद क्षेत्र के अमृतखेड़ी गांव में हुई, जहां आदिल ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर आलीशान निर्माण किया था।

आदिल मिर्जा एक जाना-माना हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ कुल 34 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह पुलिस पर दो बार फायरिंग कर चुका है और इन घटनाओं के चलते उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी। 10 जनवरी को उसके सिर पर 25 पैसे का इनाम घोषित किया गया था, जबकि कोटा शहर पुलिस ने अलग से 10 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था।

अवैध अतिक्रमण और निर्माण का विवरण

आदिल मिर्जा ने 'गैर मुमकिन बावड़ी' श्रेणी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया था। यहां उसने एक दो मंजिला आलीशान मकान (लगभग 225 गज क्षेत्र में) और दूसरे स्थान पर दो कमरों का मकान बनाया था। इसके अलावा, उसने साढ़े तीन बीघा सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर रखा था। नगर पालिका सांगोद ने 10 जनवरी को अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी आदिल ने अतिक्रमण नहीं हटाया। नतीजतन, प्रशासन ने सीधी कार्रवाई का फैसला लिया।

कार्रवाई का विवरण

कार्रवाई सुबह 9 बजे शुरू हुई और दोपहर ढाई बजे तक चली, यानी कुल साढ़े पांच घंटे। दो बुलडोजरों की मदद से दोनों मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे—

इलाके में ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई।आसपास के मकानों की छतों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए।एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिका के अधिकारी, एसपी सुजीत शंकर सहित उच्च अधिकारी मौजूद रहे।अधिशासी अधिकारी मनोज मालव ने बताया कि नोटिस के बावजूद अतिक्रमण न हटाए जाने के कारण यह कार्रवाई अनिवार्य हो गई थी। दोनों मकान एक ही इलाके में आसपास स्थित थे।

पुलिस पर फायरिंग की घटनाएं

आदिल मिर्जा पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ था।9 जनवरी की रात कोटा शहर पुलिस उसे पकड़ने उसके गांव पहुंची, लेकिन आदिल ने पुलिस पर फायरिंग की और फरार हो गया।11 जनवरी को कोटा ग्रामीण पुलिस ने मोड़क थाना क्षेत्र के अमरूदों के बाग से उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस पर पांच राउंड फायरिंग की, जिसमें मोड़क थाने का कॉन्स्टेबल चमन गुर्जर बाल-बाल बचा। इस कार्रवाई में आदिल के तीन साथी भी गिरफ्तार हुए। पुलिस ने आरोपियों से तीन देसी कट्टे, एक पिस्टल, 16 जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद किया।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध अतिक्रमण और अपराध के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। यह कार्रवाई 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताई जा रही है, जिसके तहत अपराधियों की संपत्तियों और अवैध कब्जों पर सख्ती बरती जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.