खेजड़ी संरक्षण को लेकर बिश्नोई समाज का बड़ा ऐलान आज हो रही मुकाम में विशाल माहापंचायत.
खेजड़ी सहित हरे वृक्षों के संरक्षण की मांग को लेकर बिश्नोई समाज 19 दिसंबर 2025 को मुक्तिधाम मुकाम (नोखा, बीकानेर) में विशाल माहापंचायत करेगा। यह आयोजन राज्य सरकार द्वारा वृक्ष कटाई पर ₹1000 जुर्माना तय किए जाने के विरोध में होगा, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जोधपुर/बीकानेर:-पर्यावरण संरक्षण और राज्य वृक्ष खेजड़ी की रक्षा को लेकर बिश्नोई समाज ने एक बार फिर निर्णायक आंदोलन की तैयारी कर ली है। इसी क्रम में 19 दिसंबर 2025 को बीकानेर जिले के नोखा स्थित मुक्तिधाम मुकाम में बिश्नोई समाज की एक विशाल माहापंचायत का आयोजन किया जाएगा।यह माहापंचायत राज्य सरकार द्वारा हरे वृक्षों की कटाई पर मात्र एक हजार रुपये का जुर्माना तय किए जाने के फैसले के विरोध में बुलाई गई है। बिश्नोई समाज का कहना है कि इतना कम जुर्माना पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को कमजोर करता है और इससे हरे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई को बढ़ावा मिलेगा।
समाज के पदाधिकारियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का मानना है कि खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्ष न केवल मरुस्थलीय क्षेत्रों का आधार हैं, बल्कि जैव विविधता और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी सीधे जुड़े हुए हैं। ऐसे में इनके संरक्षण के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाए जाना जरूरी है।
मुकाम में होने वाली इस माहापंचायत में राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से संत, समाज के वरिष्ठजन और पर्यावरण प्रेमी शामिल होंगे। पंचायत में सरकार के फैसले के खिलाफ आंदोलन की दिशा, रणनीति और आगे के कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बताया गया है कि 19 दिसंबर की सुबह जोधपुर सहित कई जिलों से हजारों लोग मुकाम के लिए रवाना होंगे। माहापंचायत के माध्यम से खेजड़ी और अन्य हरे वृक्षों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर मजबूत संघर्ष का संदेश दिया जाएगा