खाटू श्यामजी का भव्य नगर भ्रमण: डेढ़ करोड़ के चांदी रथ पर सवार होकर बाबा ने लुटाया भक्तों पर खजाना
फाल्गुनी एकादशी पर खाटू श्यामजी 125 किलो चांदी (लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य) के भव्य रथ पर सवार होकर खाटूनगरी का नगर भ्रमण कर रहे हैं। 350 साल पुरानी परंपरा में फूलों की बरसात, रंगों की होली और नाच-गाने के साथ लाखों भक्त शामिल हैं। फाल्गुन मेला 21 से 28 फरवरी 2026 तक चल रहा है, मुख्य दिन आज है। चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को दर्शन बंद, 5 मार्च को तिलक पूजा होगी।
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू श्यामजी धाम में फाल्गुन लक्खी मेला 2026 अपने चरम पर पहुंच गया है। आज, फाल्गुनी एकादशी (27 फरवरी 2026) को मेले का सबसे पवित्र और मुख्य दिन रहा, जहां लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन और आशीर्वाद के लिए खाटूनगरी में उमड़ पड़े। इस दिन बाबा खाटू श्यामजी 125 किलो शुद्ध चांदी से बने भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले, जिसकी अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह परंपरा पिछले 350 वर्षों से चली आ रही है और साल में केवल एक बार ही यह दिव्य रथयात्रा निकाली जाती है।
रथयात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति, उत्साह और रंग-बिरंगी होली से सराबोर हो उठा। भक्तों ने बाबा के रथ पर फूलों की बरसात की, जिससे आकाश फूलों से ढक गया। हजारों श्रद्धालु रथ के साथ नाचते-गाते, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते हुए चल रहे थे। भक्त रंगों से होली खेलते हुए बाबा पर अपना प्रेम और श्रद्धा न्यौछावर कर रहे थे। बाबा श्याम अपने भक्तों पर मानो अपना अनंत खजाना लुटा रहे थे, जिससे हर किसी के चेहरे पर खुशी और संतुष्टि की मुस्कान छा गई।
मेले की प्रमुख जानकारी
फाल्गुन मेला 21 फरवरी 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक चलेगा।मुख्य दिन फाल्गुनी एकादशी (27 फरवरी) पर रथयात्रा निकाली गई, जिसमें देश-विदेश से आए लाखों भक्त शामिल हुए।रथयात्रा में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी बड़े उत्साह से भाग ले रहे हैं।पुलिस और प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो।
मंदिर दर्शन की विशेष सूचना
श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च 2026 को मंदिर में पूरे दिन दर्शन बंद रहेंगे। इसके बाद 5 मार्च 2026 को बाबा खाटू श्यामजी का विशेष तिलक और पूजा-अर्चना होगी। इसलिए:दर्शन 4 मार्च की रात 10 बजे तक बंद हो जाएंगे।5 मार्च को शाम 5 बजे से पुनः दर्शन शुरू होंगे।