अलवर: भजन गायक कन्हैया मित्तल और साउंड ऑपरेटर में ठनी, बीच में छोड़ा कार्यक्रम; आयोजकों ने गायक पर ही लगाए गंभीर आरोप
अलवर में भजन गायक कन्हैया मित्तल और साउंड ऑपरेटर के बीच जमकर विवाद हुआ। मित्तल ने बदतमीजी का आरोप लगाते हुए शो छोड़ा, वहीं आयोजकों ने गायक पर ही बेइज्जती करने का आरोप मढ़ा।
अलवर। राजस्थान के अलवर में चल रही प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शिव महापुराण कथा के दौरान गुरुवार रात उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब मशहूर भजन गायक कन्हैया मित्तल और साउंड ऑपरेटर के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि कन्हैया मित्तल बिना माइक के कुछ देर गाकर मंच छोड़कर चले गए। अब इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9 बजे कन्हैया मित्तल भजन प्रस्तुति देने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान साउंड में तकनीकी खराबी आने पर मित्तल नाराज हो गए। उनका आरोप है कि साउंड ऑपरेटर ने उनके साथ बदतमीजी की और मंच पर गलत इशारे किए। विवाद बढ़ने पर साउंड ऑपरेटर काम छोड़कर चला गया, जिसके बाद कन्हैया मित्तल ने भी कार्यक्रम बीच में ही रोक दिया।
कन्हैया मित्तल का 'लाइव' दर्द: "भाईबंदी अब नहीं बची"
अलवर से निकलने के बाद कन्हैया मित्तल ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, "मैं इंद्रेश जी के सम्मान में एक फोन पर यहाँ आ गया था, लेकिन यहाँ साउंड वाले ने बदतमीजी की हदें पार कर दीं। मुझे ताना मारा गया कि कमीशन लिया होगा। मैंने 28 साल इस फील्ड को दिए हैं, लेकिन अब समझ गया हूँ कि कोई भाईबंदी नहीं बची है।" मित्तल ने यह भी कहा कि उन्होंने बिना माइक के गाने का प्रयास किया, लेकिन अपमान सहकर वो आगे नहीं गा सकते थे।
आयोजकों का पलटवार: "कन्हैया ने की ऑपरेटर की बेइज्जती"
दूसरी ओर, कार्यक्रम आयोजक अमित सिंघल ने कन्हैया मित्तल के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "उसी साउंड पर इंद्रेश जी रोज कथा और भजन कर रहे हैं, कभी कोई समस्या नहीं आई। कन्हैया मित्तल ने आते ही ऑपरेटर को उसके माता-पिता और संस्कारों को लेकर भला-बुरा कहा। कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति इतना अपमान कैसे सहेगा?" आयोजकों ने यह भी आरोप लगाया कि यह सब चर्चा में रहने का एक तरीका है।
इंद्रेश उपाध्याय की कथा में तनाव
कन्हैया मित्तल ने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की तो तारीफ की, लेकिन उनके स्टाफ और साउंड टीम पर भरोसा टूटने की बात कही। फिलहाल, अलवर के इस विवाद ने भजन गायकों और साउंड एसोसिएशन के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।