कलयुगी बेटे ने मां-बाप का सिर कुचला आरी से किए 6 टुकड़े, बोरे में भरकर नदी में फेंके शव.
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अम्बेश कुमार ने पारिवारिक विवाद और पैसे की मांग को लेकर 8 दिसंबर 2025 को अपने बुजुर्ग माता-पिता (श्याम बहादुर और बबीता) की बेरहमी से हत्या कर दी। उसने सिलबट्टे से सिर पर वार किए, फिर आरी से दोनों शवों को टुकड़ों में काटकर बोरियों में भरकर गोमती नदी में फेंक दिया। बहन की शिकायत पर पुलिस ने अम्बेश को गिरफ्तार कर लिया, शव के कुछ हिस्से बरामद हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव में रहने वाले 37 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अम्बेश कुमार ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। उसने पहले लोहे के भारी औजार (सिलबट्टा या लोढ़ा) से मां बबीता (60) और पिता श्याम बहादुर (62) के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए अम्बेश ने घर के बेसमेंट से आरी निकाली और दोनों शवों को तीन-तीन टुकड़ों में काट दिया। कुल छह टुकड़ों को सीमेंट की छह बोरियों में भरकर कार की डिक्की में रखा और भोर में गोमती व सई नदी में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया।
यह खौफनाक घटना 8 दिसंबर 2025 की रात की है। अम्बेश कोलकाता में क्वालिटी इंजीनियर के तौर पर काम करता था। लॉकडाउन के दौरान उसने कोलकाता में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली एक मुस्लिम महिला सहजिया से प्रेम विवाह कर लिया था। शादी के बाद उनके दो बच्चे भी हुए, लेकिन परिवार ने इस शादी को स्वीकार नहीं किया। पिता श्याम बहादुर (रेलवे से रिटायर्ड) अक्सर अम्बेश से तलाक लेने की सलाह देते थे और मुस्लिम बहू को घर में आने से इनकार करते थे। इससे घर में लगातार झगड़े होते रहते थे।हाल ही में अम्बेश और उसकी पत्नी अलग हो गए।
पत्नी ने मेंटेनेंस के रूप में 5 लाख रुपये की मांग की। अम्बेश ने यह रकम जुटाने के लिए पिता से मदद मांगी, लेकिन इनकार मिलने पर विवाद इतना बढ़ गया कि उसने हत्या कर दी। तीन महीने पहले अम्बेश कोलकाता से लौटकर माता-पिता के साथ रहने लगा था, जिससे तनाव और बढ़ गया। कुछ रिपोर्ट्स में संपत्ति और जमीन के विवाद का भी जिक्र है।हत्या के बाद अम्बेश ने बहनों को गुमराह करने की कोशिश की। उसने कहा कि माता-पिता झगड़े के बाद नाराज होकर कहीं चले गए। लेकिन 13 दिसंबर को बहन वंदना ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को शक हुआ तो अम्बेश से सख्ती से पूछताछ की गई। पहले तो वह टालता रहा, लेकिन अंततः जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल आरी व अन्य सामान बरामद कर लिया। गोताखोरों की मदद से नदी से पिता के शव का एक हिस्सा बरामद हुआ है, बाकी टुकड़ों की तलाश जारी है।यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में पूरी वारदात कबूल की है। जांच में पत्नी की भूमिका की भी पड़ताल हो रही है। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है और एक बार फिर कलयुगी संतान की क्रूरता उजागर की है।