ईरान के तेल भंडार को तबाह कर रहा इजराइल: 30 फ्यूल टैंकों और तेल डिपो पर हमले, ट्रम्प ने कहा - ईरान अब लड़ने लायक नहीं बचेगा

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के नौवें दिन इजराइल ने तेहरान और आसपास के इलाकों में ईरान के प्रमुख तेल भंडारण सुविधाओं, फ्यूल टैंकों और डिपो पर हमले किए, जिससे बड़े पैमाने पर आग लगी और धुआं उठा। इजराइल का दावा है कि ये सुविधाएं ईरानी सेना के लिए इस्तेमाल हो रही थीं। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर ईरान से 'अनकंडीशनल सरेंडर' की मांग की और कहा कि ईरान अब लड़ने लायक नहीं बचेगा, वह 'लूजर' बन गया है। ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी और अमेरिकी जहाजों को फारस खाड़ी में डुबोने की धमकी दी। अब तक ईरान में हजारों सिविल ढांचे क्षतिग्रस्त, 1483 मौतें और इजराइल में 1765 घायल हुए हैं।

Mar 8, 2026 - 10:55
ईरान के तेल भंडार को तबाह कर रहा इजराइल: 30 फ्यूल टैंकों और तेल डिपो पर हमले, ट्रम्प ने कहा - ईरान अब लड़ने लायक नहीं बचेगा

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का नौवां दिन

अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सेनाओं द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमलों का सिलसिला जारी है। युद्ध अब अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, और इजराइल ने पहली बार ईरान की राजधानी तेहरान और आसपास के इलाकों में तेल भंडारण सुविधाओं (ऑयल डिपो और फ्यूल स्टोरेज) को निशाना बनाया है। इजराइली मीडिया और सेना के बयानों के अनुसार, तेहरान प्रांत और अल्बोर्ज़ प्रांत में कई प्रमुख फ्यूल स्टोरेज कॉम्प्लेक्स पर हमले किए गए, जिनमें शाहरान (Shahran), कोहक (Kohak) और करज (Karaj) जैसे इलाकों के डिपो शामिल हैं। इन हमलों से बड़े पैमाने पर आग लग गई, जिससे आसमान में विशाल आग की लपटें और धुआं उठता दिखा।

इजराइली सेना (IDF) ने इन हमलों की पुष्टि की है और कहा है कि ये सुविधाएं ईरानी सेना द्वारा इस्तेमाल की जा रही थीं। ईरानी तेल मंत्रालय ने भी कई तेल डिपो पर हमलों की पुष्टि की है। हालांकि, यूजर द्वारा साझा की गई खबर में 30 फ्यूल टैंकों का जिक्र है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में मुख्य रूप से तेहरान के प्रमुख डिपो (जैसे शाहरान और अन्य) पर हमलों की बात कही गई है, जहां बड़े पैमाने पर विनाश हुआ। ये हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए हैं, क्योंकि तेल भंडार ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ईंधन सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ट्रम्प का सख्त रुख: ईरान को सरेंडर करना होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को फिर से ईरान से "अनकंडीशनल सरेंडर" (बिना शर्त आत्मसमर्पण) की मांग की। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का "दबंग" नहीं रहा, बल्कि "लूजर" बन गया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल के लगातार हमलों से ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है - उसकी नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है।

ट्रम्प ने कहा, "ईरान या तो खुद सरेंडर कर दे या उसकी ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने लायक ही न बचे।" उन्होंने "क्राई अंकल" (हार मानना) जैसा शब्द इस्तेमाल करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान पूरी तरह हार नहीं मान लेता। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि हमले और तेज हो सकते हैं, और उन्होंने कोई समय सीमा नहीं बताई - "जो भी लगे, उतना ही किया जाएगा।"

ईरान की धमकी और पड़ोसियों से माफी

ईरानी सेना ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में आएंगे, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया जब ट्रम्प ने अमेरिकी नौसेना को ऑयल टैंकरों की सुरक्षा के लिए होर्मुज स्ट्रेट में भेजने की बात कही थी। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी भी दी है, जो वैश्विक तेल व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है।

दूसरी ओर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने पड़ोसी देशों (जैसे सऊदी अरब, कुवैत, यूएई, कतर आदि) से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि ईरान अब उन देशों पर हमला नहीं करेगा, जब तक उनकी जमीन से ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाता। यह बयान एक प्री-रिकॉर्डेड एड्रेस में आया, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय शांति की अपील की। हालांकि, माफी के तुरंत बाद भी कुछ पड़ोसी देशों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहे, जिससे ईरान के अंदरूनी मतभेदों की बातें सामने आईं।

युद्ध के प्रमुख अपडेट्स और नुकसान

अब तक ईरान में 6,668 सिविल इलाकों को निशाना बनाया गया है।5,535 घरों और 1,041 दुकानों को नुकसान पहुंचा।14 मेडिकल सेंटर्स और 65 स्कूलों पर हमले हुए।रेड क्रिसेंट के 13 सेंटर भी प्रभावित।कुल मौतें: 1,483 (ईरान पक्ष से प्रमुख रूप से)।इजराइल में 1,765 लोग घायल हुए हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.