राजस्थान चंबल नदी पर 256 करोड़ से बनेगा हाड़ौती का पहला तीन लेन हाई लेवल पुल.
राजस्थान के कोटा-बूंदी के बीच चंबल नदी पर 256 करोड़ रुपये की लागत से तीन लेन हाई लेवल पुल बनेगा। यह पुल चंबल ढीबरी (कोटा) को चांणदा खुर्द (बूंदी) से जोड़ेगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के प्रयासों से राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की मंजूरी मिली। निविदा जारी, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इससे कोटा-बूंदी कनेक्टिविटी मजबूत होगी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की पहुंच आसान होगी और जयपुर जाने का वैकल्पिक रूट मिलेगा।
कोटा/बूंदी:- राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में चंबल नदी पर एक महत्वपूर्ण तीन लेन हाई लेवल पुल का निर्माण होने जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 256 करोड़ रुपये है। यह पुल कोटा जिले के चंबल ढीबरी (डीपरी) गांव को बूंदी जिले के चांणदा खुर्द गांव से जोड़ेगा। पुल का निर्माण इंद्रगढ़-ललितपुर राज्य मार्ग-120 (SH-120) पर इटावा क्षेत्र के गोठड़ा कलां गांव के पास प्रस्तावित है।यह परियोजना वर्षों से लंबित थी, क्योंकि पुल चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में आने के कारण राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की मंजूरी आवश्यक थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों और हस्तक्षेप से अप्रैल 2025 में NBWL की स्थायी समिति ने आवश्यक पर्यावरणीय शर्तों के साथ इसकी मंजूरी प्रदान कर दी। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने तेजी से कार्यवाही शुरू की।
प्रमुख विवरण:
पुल की लंबाई: मुख्य पुल लगभग 1880 मीटर, जबकि एप्रोच रोड सहित कुल लंबाई करीब 4.8 किलोमीटर।
डिजाइन: तीन लेन का हाई लेवल ब्रिज, फुटपाथ सहित चौड़ाई 14.90 मीटर। यह हाड़ौती क्षेत्र का पहला तीन लेन पुल होगा।
भूमि अधिग्रहण: कोटा जिले में लगभग 7.23 हेक्टेयर (इटावा क्षेत्र में 3.95 हेक्टेयर), बूंदी में 14.94 हेक्टेयर और सवाई माधोपुर (खंडार) में 2.55 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा रही है। गजट अधिसूचना जारी हो चुकी है और पूरा मुआवजा राशि संबंधित एसडीएम को ट्रांसफर कर दी गई है।
निविदा प्रक्रिया: विभाग द्वारा पुल निर्माण के लिए निविदा जारी कर दी गई है।
स्वीकृति का इतिहास: वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने 256.46 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। इससे पहले घोषणा 2020 में एक नाव हादसे के बाद हुई थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी।
क्षेत्रीय लाभ:कोटा के इटावा, खातौली, पीपल्दा और बूंदी के इंद्रगढ़, लाखेरी क्षेत्र की करीब 3 लाख आबादी को सीधा फायदा।
बारां जिले और कोटा के पीपल्दा से दिल्ली जाने वालों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लाखेरी-इंद्रगढ़ इंटरचेंज तक आसान पहुंच।
जयपुर जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक सीधा रूट।
बरसात में चंबल नदी उफान पर आने से संपर्क कटने की समस्या का स्थायी समाधान।
धार्मिक स्थल कमलेश्वर महादेव (क्वालजी) जाने में सुविधा।
यह पुल न केवल कोटा-बूंदी के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी बढ़ावा देगा। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।