हरियाणा के ADGP वाई एस पूरन ने गोली मारकर की आत्महत्या.....

हरियाणा के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी और ADGP वाई.एस. पूरन ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने सरकारी आवास के साउंडप्रूफ बेसमेंट में सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे मिली सूचना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पूरन की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार, घटना के वक्त जापान में थीं। पूरन की ईमानदारी और प्रमोशन विवादों में सख्त रुख के लिए पहचान थी। आत्महत्या की वजह की जांच जारी है, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
October 7, 2025 • 6:26 PM  18
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हरियाणा के ADGP वाई एस पूरन ने गोली मारकर की आत्महत्या.....

चंडीगढ़:हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और 2001 बैच के आईपीएस वाई.एस. पूरन कुमार (जिन्हें YS पूरन के नाम से जाना जाता है) की अचानक मौत ने पूरे प्रशासनिक हलकों में सन्नाटा पसर गया है। मंगलवार दोपहर चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास के साउंडप्रूफ बेसमेंट में उनकी लाश गोली के घाव के साथ मिली। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना है, लेकिन कोई सुसाइड नोट न मिलने से सवालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पूरन, जो ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए मशहूर थे, ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को निशाना बनाया। यह घटना न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि सिविल सर्विसेज की दुनिया में एक बड़ा झटका है।

घटना का पूरा विवरण: दोपहर की शांति भंग करने वाली गोली

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार शाम तक पूरन सामान्य दिख रहे थे। उन्होंने दफ्तर में कुछ आधिकारिक ईमेल भी किए थे। मंगलवार सुबह जब परिवार के सदस्यों ने उन्हें न देखा, तो उनकी बेटी ने बेसमेंट की ओर रुख किया। अचानक गोली चलने की आवाज गूंजी, और जब बेटी ने दरवाजा खोला तो पिता खून से लथपथ पड़े थे। घबराहट में बेटी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। दोपहर डेढ़ बजे के करीब चंडीगढ़ पुलिस को कॉल मिली, और सेक्टर-11 थाने की टीम मौके पर पहुंच गई।चंडीगढ़ एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया, "हमें सेक्टर-11 के हाउस नंबर 116 से एक शूटिंग की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर आईपीएस अधिकारी वाई.एस. पूरन कुमार का शव मिला। सीएफएसएल (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम ने सीन को सील कर लिया है।" पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और बैलिस्टिक रिपोर्ट का इंतजार है। घटनास्थल पर कोई संघर्ष के निशान नहीं मिले, लेकिन साउंडप्रूफ कमरे ने आवाज को बाहर तक पहुंचने से रोक दिया, जिससे देरी हुई।

कौन थे वाई.एस. पूरन? एक अफसर जो सिस्टम से लड़े, लेकिन हार गए

वाई.एस. पूरन हरियाणा कैडर के एक सम्मानित आईपीएस अधिकारी थे। 2001 बैच से सेवा में आने के बाद उन्होंने रोहतक रेंज के एडीजीपी, आईजी रोहतक रेंज और हाल ही में 29 सितंबर को ट्रांसफर के बाद रोहतक के सुनारिया जेल (जहां डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम कैद है) के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में आईजी के पद संभाला। उनकी रैंक एडीजीपी की थी, लेकिन वे आईजी स्तर पर तैनात थे। पूरन को उनके करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं, जहां उन्होंने अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक सुधारों में योगदान दिया।लेकिन पूरन का नाम अक्सर विवादों से जुड़ा रहा—खासकर प्रमोशन पॉलिसी को लेकर। पिछले साल उन्होंने हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर 1991, 1996, 1997 और 2005 बैच के आईपीएस अधिकारियों को दिए गए प्रमोशंस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने 'एक अधिकारी, एक घर' नीति के तहत कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की, जिसमें एक से ज्यादा सरकारी आवासों का आरोप था। 2022 में तो उन्होंने तत्कालीन गृह सचिव राजीव अरोड़ा पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग तक शिकायत की। सूत्र बताते हैं कि ये मुद्दे उन्हें मानसिक तनाव दे रहे थे, हालांकि पुलिस ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच हो रही है।

पत्नी जापान में, बेटी ने देखा खौफनाक मंजर.

इस दर्दनाक घटना के वक्त पूरन की पत्नी अमनीत पी. कुमार जापान में थीं। अमनीत भी 2001 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और हरियाणा कैडर की वरिष्ठ नौकरशाह। वे नागरिक उड्डयन एवं भविष्य विभाग की कमिश्नर-सचिव हैं, साथ ही विदेशी सहयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं। वे सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली आधिकारिक प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा थीं। खबर मिलते ही जापान से लौटने की तैयारी में हैं। परिवार ने अभी कोई बयान नहीं दिया है।

विभाग में शोक की लहर, जांच में फोकस प्रमोशन और तनाव पर

हरियाणा पुलिस और चंडीगढ़ प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है, क्योंकि पूरन को एक सख्त लेकिन निष्पक्ष अफसर के रूप में जाना जाता था। पुलिस ने कहा, "परिवार के सदस्यों और स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच हो रही है।" कोई सुसाइड नोट न मिलने से हत्या की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा, लेकिन प्रारंभिक सबूत आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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