9 महीने से फरार डोडा पोस्त तस्कर चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार: भारत सरकार लिखी कैश वैन से कर रहा था तस्करी, 70 लाख रुपये के मादक पदार्थ जब्त
बाड़मेर पुलिस ने 9 महीने से फरार चल रहे डोडा पोस्त तस्कर अंबालाल को चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार किया। आरोपी भारत सरकार लिखी कैश वैन से 738 किलो डोडा पोस्त (कीमत करीब 70 लाख रुपये) की तस्करी कर रहा था। मार्च 2025 में हुई बरामदगी के बाद फरार हुआ आरोपी चित्तौड़गढ़ से राजस्थान के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था।
बाड़मेर (राजस्थान): राजस्थान के बाड़मेर जिले में लंबे समय से चले आ रहे डोडा पोस्त तस्करी के एक बड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले 9 महीनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। यह गिरफ्तारी बाड़मेर पुलिस की ट्रैफिक डीएसपी और गुड़ामालानी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चित्तौड़गढ़ पुलिस के सहयोग से की है।
मामले की शुरुआत: कैश वैन से हुई बड़ी बरामदगी यह पूरा मामला 22 मार्च 2025 का है, जब गुड़ामालानी पुलिस ने आधी रात को एक संदिग्ध कैश वैन पर छापेमारी की थी। वैन पर "भारत सरकार" लिखा हुआ था, जिससे यह सुरक्षा एजेंसी की गाड़ी लग रही थी। जांच के दौरान पुलिस को वैन से 738 किलोग्राम डोडा पोस्त (पोस्तदाना) बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई गई।इसके अलावा, वैन से एक 12 बोर की लाइसेंसी राइफल, 7 जिंदा कारतूस और सिक्योरिटी गार्ड की यूनिफॉर्म भी मिली। पुलिस को शक हुआ कि तस्कर सरकारी कैश वैन का रूप देकर सुरक्षा जांच से बचने की कोशिश कर रहे थे। छापेमारी के दौरान वैन में मौजूद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी।
मुख्य आरोपी की भूमिका और सप्लाई चेन पूछताछ और जांच से पता चला कि बरामद डोडा पोस्त चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर क्षेत्र के निवासी अंबालाल से सप्लाई किया गया था। अंबालाल इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था, जो चित्तौड़गढ़ इलाके से अवैध रूप से डोडा पोस्त की बड़ी खेपें इकट्ठा करता था और फिर विभिन्न वाहनों में लादकर राजस्थान के कई जिलों में सप्लाई करता था।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अंबालाल लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और उसका नेटवर्क काफी व्यापक था। वह फरार होने के बाद भी सतर्क रहता था, जिसके कारण पुलिस को उसे पकड़ने में 9 महीने लग गए।
गिरफ्तारी कैसे हुई? फरार आरोपी को पकड़ने के लिए बाड़मेर पुलिस ने लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जब हाथ कुछ नहीं लगा तो बाड़मेर एसपी ने अंबालाल पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। वांटेड आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर चित्तौड़गढ़ डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) के साथ मिलकर आरोपी को ट्रेस किया।आखिरकार, चित्तौड़गढ़ में छिपे हुए अंबालाल को संयुक्त ऑपरेशन में डिटेन कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे बाड़मेर लाया जा रहा है, जहां उससे डोडा पोस्त की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन और अन्य साथियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
डोडा पोस्त तस्करी की बढ़ती समस्या डोडा पोस्त (पोस्तदाना) एक मादक पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। राजस्थान में यह तस्करी मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, झारखंड और अन्य राज्यों से होती है, और पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से होते हुए आगे सप्लाई की जाती है। इस मामले में सरकारी कैश वैन का इस्तेमाल तस्करों की नई और चालाकी भरी रणनीति को दर्शाता है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए अंतर-जिला और अंतर-राज्य सहयोग बढ़ाया जा रहा है। इस गिरफ्तारी से तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ेगा और अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज हो जाएगी।