दिल्ली ब्लास्ट: आतंकी डॉक्टर उमर नबी का घर धमाके से उड़ा, 600+ संदिग्ध हिरासत में – कश्मीर से दिल्ली तक फैला खौफनाक नेटवर्क उजागर!

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के मुख्य आरोपी आतंकी डॉ. उमर नबी की डीएनए से पुष्टि के बाद सुरक्षा बलों ने पुलवामा में उसके घर को IED से उड़ा दिया। 500+ स्थानों पर छापे, 600+ संदिग्ध हिरासत में। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर-प्रोफेसर गिरफ्तार, 32 कारों से 6 दिसंबर को बड़े हमले की साजिश नाकाम। ED आज यूनिवर्सिटी पर छापा मारेगी।

Nov 14, 2025 - 14:01
दिल्ली ब्लास्ट: आतंकी डॉक्टर उमर नबी का घर धमाके से उड़ा, 600+ संदिग्ध हिरासत में – कश्मीर से दिल्ली तक फैला खौफनाक नेटवर्क उजागर!

नई दिल्ली/श्रीनगर: दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए भयानक कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया था। 13 मासूमों की जान लेने वाले इस दर्दनाक हमले की जांच में अब सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर उन-नबी का शव ब्लास्ट साइट से ही बरामद हो चुका है, और गुरुवार रात सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में उसके पैतृक घर को आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से उड़ा दिया। यह कार्रवाई न सिर्फ आतंकी नेटवर्क को तोड़ने का संदेश है, बल्कि जांच एजेंसियों की तेजी का भी प्रमाण। आज शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंच रही है, जहां से इस साजिश की जड़ें जुड़ी बताई जा रही हैं। आइए, जानते हैं इस मामले की पूरी सच्चाई – बिना किसी अतिशयोक्ति के, सिर्फ तथ्यों के साथ।

ब्लास्ट का खौफनाक मंजर: क्या हुआ था 10 नवंबर को?

दिल्ली के पुराने शहर में लाल किले के नजदीक ट्रैफिक सिग्नल पर एक सफेद हुंडई i20 कार अचानक धमाके से उड़ गई। शाम करीब 6:52 बजे हुए इस विस्फोट में 13 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। 20 से ज्यादा लोग घायल हुए, जबकि आसपास की गाड़ियां और इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि कार के परखच्चे सड़क पर बिखर गए, और धुआं-धुंध में पूरा इलाका घंटों तक अंधेरे में डूबा रहा। शुरुआती जांच में पता चला कि कार में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थ भरे थे, जो आईईडी की तरह इस्तेमाल किए गए। यह हमला एक सुनियोजित फिदायीन अटैक था, जहां चालक ने खुद को उड़ा लिया।  

डॉक्टर उमर नबी: पढ़ा-लिखा आतंकी, जो बना मास्टरमाइंड

मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन-नबी (उम्र करीब 32 वर्ष) पुलवामा जिले के कोईल गांव का रहने वाला था। वह फरीदाबाद (हरियाणा) की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर के तौर पर काम करता था, लेकिन पिछले दो सालों से कट्टरपंथ की चपेट में था। जांच में सामने आया कि उमर ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) जैसे पाकिस्तान समर्थित संगठनों से संपर्क बनाया था। वह स्विट्जरलैंड आधारित एन्क्रिप्टेड ऐप 'थ्रीमा' के जरिए अपने साथियों से कोडवर्ड में बात करता था।

डीएनए से पुष्टि: ब्लास्ट साइट से मिले शव के टुकड़ों (हड्डी, दांत और जलाए कपड़े) का डीएनए टेस्ट उमर के माता-पिता के सैंपल से मैच कर गया। गुरुवार को फॉरेंसिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि i20 कार उमर ही चला रहा था। वह दिल्ली के बादरपुर बॉर्डर से कार लेकर आया था, और सीसीटीवी फुटेज में उसे मास्क पहने टोल प्लाजा पर कैश देते देखा गया।  

परिवार का कनेक्शन: उमर के पिता गुलाम नबी एक रिटायर्ड टीचर हैं, जो 2012 में नौकरी छोड़ चुके थे। परिवार ने दावा किया कि उन्हें उमर की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी, लेकिन पुलिस ने माता-पिता और दो भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। ग्रामीणों के मुताबिक, उमर 'शिक्षित और शांत' लगता था, लेकिन सोशल मीडिया पर रेडिकल ग्रुप्स से जुड़ा था।

पुलवामा में घर पर 'नियंत्रित धमाका': सख्त संदेश

गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 2:30 बजे सुरक्षा बलों ने पुलवामा के कोईल गांव में उमर के दो मंजिला घर को घेर लिया। परिवार को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद आईईडी से कंट्रोल्ड ब्लास्ट किया गया। मलबे के ढेर में बदल चुका घर अब जांच का हिस्सा बनेगा – यहां से हथियार या दस्तावेज मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्रवाई बिना पूर्व सूचना के हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस, जेके पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान का हिस्सा था, जो आतंकी संपत्तियों को नष्ट करने की नीति का पालन करता है।  

500+ लोकेशंस पर छापे, 600+ हिरासत: नेटवर्क का पर्दाफाश

ब्लास्ट के बाद एजेंसियों ने देशभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। अब तक 500 से ज्यादा लोकेशंस पर रेड्स पड़े, जिनमें दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं। 600 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' के सदस्य प्रमुख हैं। 

बड़ी साजिश का खुलासा: पूछताछ में सामने आया कि 6 दिसंबर (बाबरी विध्वंस की बरसी) को दिल्ली समेत कई शहरों में 32 कारों से समवर्ती ब्लास्ट की योजना थी। 2,900 किलो विस्फोटक फरीदाबाद में जमा किए गए थे। एक विदेशी हैंडलर 'उकासा' पाकिस्तान से निर्देश दे रहा था।  

ईडी की एंट्री: आज अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर छापा पड़ेगा। यहां से बरामद डायरी और नोटबुक में साजिश के सुराग हैं। यूनिवर्सिटी का वेबसाइट डाउन हो चुका है, और एनएएसी ने ऑडिट का आदेश दिया।

आगे की चुनौतियां: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

एजेंसियां अब सोशल मीडिया रेडिकलायजेशन और मेडिकल प्रोफेशनल्स के दुरुपयोग पर फोकस कर रही हैं। एनआईए ने यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं। लेकिन सवाल उठ रहे हैं – क्या बिना पूर्व सूचना के घर तोड़ना कानूनी है? स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे 'बदले की राजनीति' बता रहे हैं, जबकि अधिकारी इसे 'आतंकी संपत्ति जब्ती कानून' का पालन कहते हैं।  

यह मामला न सिर्फ दिल्ली को दहलाने वाला था, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। जांच जारी है, और अगले कुछ दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। देश सुरक्षित रहे,