बीकानेर में सोलर प्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू: 100 यूनिट फ्री ले रहे कस्टमर्स को मिल सकेगी 150 यूनिट फ्री बिजली
बीकानेर में सोलर प्लांट रजिस्ट्रेशन शुरू, 100 यूनिट फ्री बिजली वाले उपभोक्ताओं को 150 यूनिट अतिरिक्त मुफ्त मिलेगी।
बीकानेर, 7 नवंबर 2025:
राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बीकानेर जिले में सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। यह योजना सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम उपभोक्ताओं को सस्ती व नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। दैनिक भास्कर की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के लाभार्थियों को न केवल 100 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि वे अतिरिक्त 150 यूनिट बिजली भी मुफ्त प्राप्त कर सकेंगे। यह कदम राज्य में ऊर्जा संकट को कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
योजना का पृष्ठभूमि और उद्देश्य; राजस्थान, जो सौर ऊर्जा की दृष्टि से देश का सबसे समृद्ध राज्य है, ने 'सोलर एनर्जी फॉर ऑल' नामक इस योजना को 2024 में लॉन्च किया था। बीकानेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्रों में सूर्य की प्रचुरता का लाभ उठाते हुए, सरकार ने अब स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्रेशन अभियान शुरू किया है। योजना का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:घरेलू उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना: छोटे-मोटे सोलर प्लांट लगाकर परिवारों को अपनी बिजली खुद उत्पादित करने का अवसर देना।
बिजली बिल में कमी: मासिक बिजली खपत पर निर्भर उपभोक्ताओं को सब्सिडी और मुफ्त यूनिट्स के माध्यम से आर्थिक राहत प्रदान करना।
पर्यावरण संरक्षण: पारंपरिक कोयला-आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता घटाकर कार्बन उत्सर्जन को कम करना।
रोजगार सृजन: स्थानीय स्तर पर सोलर इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के लिए नौकरियां पैदा करना।
बीकानेर के जिला कलेक्टर ने बताया, "यह योजना बीकानेर के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। हमारा लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में कम से कम 5,000 घरों में सोलर प्लांट लगाए जाएं।"फ्री यूनिट्स की योजना: कैसे मिलेंगे 100 + 150 यूनिट?योजना के तहत, जो उपभोक्ता सोलर प्लांट के लिए रजिस्टर करेंगे, उन्हें निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:प्रारंभिक लाभ (100 यूनिट फ्री): सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन के बाद पहले वर्ष से ही 100 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। यह सब्सिडी सीधे बिजली बिल में समायोजित होगी।
अतिरिक्त लाभ (150 यूनिट फ्री): यदि उपभोक्ता सोलर प्लांट से अतिरिक्त बिजली उत्पन्न करते हैं और उसे ग्रिड में बेचते हैं, तो वे 150 यूनिट तक की अतिरिक्त फ्री बिजली प्राप्त कर सकेंगे। यह 'नेट मीटरिंग' सिस्टम के माध्यम से संभव होगा, जहां अतिरिक्त बिजली का क्रेडिट अगले महीनों में उपयोग किया जा सकता है।
कुल बचत: एक औसत परिवार के लिए यह सालाना 5,000 से 7,000 रुपये की बचत का मतलब रखता है, जो बिजली दरों (लगभग 5-6 रुपये प्रति यूनिट) के आधार पर गणना की गई है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन?रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल और डिजिटल है। इच्छुक उपभोक्ता निम्न तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:ऑनलाइन पोर्टल: राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल 'राज-ईवीडी' (https://energy.rajasthan.gov.in) पर जाकर 'सोलर रूफटॉप सब्सिडी स्कीम' सेक्शन में रजिस्टर करें। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन बिल, और बैंक खाता विवरण।
ऑफलाइन केंद्र: बीकानेर के सभी तहसील कार्यालयों, जिला विद्युत कार्यालय, और ग्राम पंचायत भवनों में कैंप लगाए जाएंगे। पहला कैंप 8-10 नवंबर को बीकानेर मुख्यालय में आयोजित होगा।
मोबाइल ऐप: 'राजस्थान सोलर' ऐप डाउनलोड करके सीधा आवेदन करें। ऐप पर फोटो अपलोड और वेरिफिकेशन की सुविधा उपलब्ध है।
समय सीमा: प्रारंभिक रजिस्ट्रेशन 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा, लेकिन जल्द आवेदन करने वालों को प्राथमिकता मिलेगी।
आवेदन स्वीकृति के बाद, सरकार 30% तक सब्सिडी (1 किलोवाट प्लांट के लिए अधिकतम 30,000 रुपये) प्रदान करेगी। इंस्टॉलेशन के लिए अनुमोदित वेंडर्स की सूची पोर्टल पर उपलब्ध है।पात्रता मानदंडघरेलू उपभोक्ता: केवल घरेलू बिजली कनेक्शन वाले परिवार (कृषि या व्यावसायिक कनेक्शन वाले अयोग्य)।
आय सीमा: बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को अतिरिक्त 10% सब्सिडी।
स्थान: बीकानेर जिले के सभी क्षेत्र, विशेष रूप से कोलायत, लूणकरणसर और नोखा तहसीलों में प्राथमिकता।
न्यूनतम निवेश: 1 किलोवाट सोलर प्लांट के लिए लगभग 50,000 रुपये (सब्सिडी के बाद 20,000-25,000 रुपये)।
चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं; हालांकि योजना उत्साहजनक है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, रेगिस्तानी मौसम में धूल जमा होने से प्लांट की दक्षता प्रभावित हो सकती है, जिसके लिए नियमित सफाई की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, मेंटेनेंस के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।सरकार की योजना है कि 2026 तक बीकानेर को 'सोलर सिटी' बनाने की। इससे न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि सोलर फार्म पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।