पाकिस्तान की काबुल एयरस्ट्राइक: अफगानिस्तान का दावा- ओमिद ड्रग रिहैब सेंटर पर हमला, 400 मौतें और 250 घायल; पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों पर सटीक कार्रवाई का दावा किया

पाकिस्तान ने काबुल के ओमिद ड्रग रिहैब अस्पताल पर एयरस्ट्राइक की, अफगानिस्तान का दावा 400 मौतें और 250 घायल; पाकिस्तान ने सैन्य-आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले बताए। 2026 युद्ध की नई कड़ी, अस्पताल तबाह, अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी।

Mar 17, 2026 - 11:25
पाकिस्तान की काबुल एयरस्ट्राइक: अफगानिस्तान का दावा- ओमिद ड्रग रिहैब सेंटर पर हमला, 400 मौतें और 250 घायल; पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों पर सटीक कार्रवाई का दावा किया

काबुल/इस्लामाबाद, 17 मार्च 2026: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे तनाव ने सोमवार रात एक और खतरनाक मोड़ ले लिया। अफगान तालिबान सरकार का आरोप है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल के ओमिद (उम्मीद) ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें 400 लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा घायल हुए। तालिबान के डिप्टी स्पोक्सपर्सन हमदुल्लाह फिरत ने कहा, “रात 9 बजे (स्थानीय समय) पाकिस्तानी विमानों ने 2,000 बेड वाले इस सरकारी अस्पताल पर हमला किया। अस्पताल के बड़े हिस्से तबाह हो गए, आग लग गई और मलबे के नीचे कई शव दबे हुए हैं।”

अफगानिस्तान ने इसे “मानवता के खिलाफ अपराध” और “आक्रामकता” बताया। स्वास्थ्य मंत्रालय और तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमला साफ तौर पर सिविलियन टारगेट पर था। अस्पताल में ड्रग एडिक्ट्स का इलाज हो रहा था और यह 2016 में स्थापित एक बड़ा रिहैब सेंटर था, जहां मरीजों को सिलाई-कढ़ाई और बढ़ईगिरी जैसे कौशल भी सिखाए जाते थे। स्थानीय मीडिया में आग की लपटें और धुआं दिख रहा है। एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है।

पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। पाकिस्तानी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा, “यह दावा गलत और भ्रामक है। हमने काबुल और नंगरहार में सैन्य ठिकानों, गोला-बारूद भंडारण और पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) तथा अफगान तालिबान के आतंकवादी सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को सटीक हमले किए। कोई सिविलियन नुकसान नहीं हुआ। अफगानिस्तान टीटीपी को शरण दे रहा है, जिससे पाकिस्तान में हमले हो रहे हैं।” पाकिस्तान ने दावा किया कि हमले “कोई कोलैटरल डैमेज” नहीं होने वाले थे और यह अफगानिस्तान की ओर से क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद को छिपाने की कोशिश है।

यह हमला 2026 अफगानिस्तान-पाकिस्तान युद्ध का हिस्सा है, जो फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। पाकिस्तान ने टीटीपी और आईएसआईएस-खोरासान के ठिकानों पर “ऑपरेशन गजब लिल हक” (Righteous Fury) शुरू किया था। तब से दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार गोलीबारी, ड्रोन हमले और एयरस्ट्राइक हो रहे हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान टीटीपी को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तान में हमले कर रहा है। तालिबान इसे सिरे से खारिज करते हैं और कहते हैं कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्या को अफगानिस्तान पर थोप रहा है।

इससे पहले फरवरी में पाकिस्तान ने नंगरहार, पकतिका और खोस्त में स्ट्राइक किए थे। अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पकतिया में भी हमले किए। अब तक दोनों पक्षों ने सैकड़ों मौतों का दावा किया है, लेकिन स्वतंत्र सत्यापन नहीं हो सका। संयुक्त राष्ट्र के स्पेशल रैपोर्टियर रिचर्ड बेनेट ने कहा, “मैं हैरान हूं। अस्पताल जैसे सिविलियन ऑब्जेक्ट्स पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। दोनों पक्ष डी-एस्केलेशन करें और सिविलियंस की सुरक्षा करें।” चीन ने भी दोनों देशों से बातचीत की अपील की है।

काबुल में रातभर आग बुझाने की कोशिशें चल रही हैं। एम्बुलेंस ड्राइवर हाजी फहीम ने बताया, “जब मैं पहुंचा तो सब जल रहा था। सुबह फिर बुलाया गया कि मलबे में और शव दबे हैं।” अस्पताल के आसपास के इलाकों में भी धुआं और तबाही दिख रही है। अफगानिस्तान ने कहा कि हमला पांच जगहों पर हुआ, जिसमें अस्पताल भी शामिल है। पाकिस्तानी एफ-16 और जेएफ-17 विमानों का इस्तेमाल बताया जा रहा है (हालांकि पाकिस्तान ने इसकी पुष्टि नहीं की)।

यह घटना पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रही है। मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के तनाव के बीच यह नया संघर्ष दुनिया को चिंता में डाल रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकवाद की निंदा की है, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। विश्व खाद्य कार्यक्रम ने 20,000 से ज्यादा विस्थापित परिवारों को मदद पहुंचाई है।

दोनों देश 2,600 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं। पहले सहयोगी रहे, लेकिन अब “ओपन वॉर” की स्थिति है। पाकिस्तान ने 641 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है, जबकि अफगानिस्तान ने 327 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत बताई। सिविलियन मौतों पर आंकड़े अलग-अलग हैं – अफगानिस्तान 328, यूएन 69-110। यह हमला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष की नई कड़ी है। काबुल में तनाव चरम पर है। लोग घबराए हुए हैं। रेस्क्यू टीमें मलबा हटा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब तुरंत सीजफायर और बातचीत की मांग कर रहा है। अगर तनाव नहीं रुका तो यह पूरे दक्षिण एशिया को प्रभावित कर सकता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.