योगी बोले- खिलजी खानदान को जानने वाला कोई नहीं: प्रताप-पद्मिनी की वंशावली हमारे सामने, चित्तौड़गढ़ दुर्ग भारत की अस्मिता का प्रहरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में जौहर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए खिलजी, बाबर, औरंगजेब जैसे आक्रमणकारियों के वंश की विस्मृति पर जोर दिया और महाराणा प्रताप, पद्मिनी की वंशावली को जीवंत बताया। उन्होंने चित्तौड़गढ़ दुर्ग को भारत की अस्मिता का प्रहरी कहा, नारी सुरक्षा में UP की जीरो टॉलरेंस नीति का दावा किया, जौहर को सीता मां के संकल्प से जोड़ा तथा जातिवाद और अफवाह फैलाने वालों पर निशाना साधा। साथ ही कहा कि नेताजी सुभाष होते तो विभाजन और पाकिस्तान नहीं होता।

Mar 16, 2026 - 11:13
योगी बोले- खिलजी खानदान को जानने वाला कोई नहीं: प्रताप-पद्मिनी की वंशावली हमारे सामने, चित्तौड़गढ़ दुर्ग भारत की अस्मिता का प्रहरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह (जौहर मेले) में एक जोशीला और प्रेरणादायक संबोधन दिया। यह कार्यक्रम चित्तौड़गढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक भूमि पर हुआ, जहां उन्होंने मेवाड़ के वीरों, वीरांगनाओं के बलिदान और भारत की अस्मिता को याद किया। योगी ने खिलजी वंश की विस्मृति पर टिप्पणी की और महाराणा प्रताप, महारानी पद्मिनी जैसे महान व्यक्तित्वों की वंशावली को आज भी जीवंत बताया।

योगी आदित्यनाथ का चित्तौड़गढ़ दौरा: मुख्य बातें

रविवार को चित्तौड़गढ़ पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने जौहर मेले में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस वीर भूमि को देखकर उन्हें एक पंक्ति याद आती है— "एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि खिलजी वंश को आज कोई नहीं जानता। भारत में खिलजी के नाम पर कोई नमूना नहीं बचा है। इसी तरह बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का कहीं अता-पता नहीं है, जबकि महाराणा प्रताप और वीरांगना पद्मिनी की वंशावली आज भी हमारे सामने जीवित है।

योगी ने उत्तर प्रदेश में हो रहे परिवर्तनों का श्रेय राजस्थान की वीर भूमि, खासकर चित्तौड़गढ़ के तेज को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पूज्य दादागुरु भी इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। उन्होंने उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम—हर भारतीय द्वारा महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, महाराणा कुंभा और बप्पा रावल जैसे वीरों को नमन करने की बात कही।

योगी के भाषण की 6 बड़ी बातें

अगले चौराहे पर यमराज मिलेगा

योगी ने उत्तर प्रदेश में अपराध और महिलाओं की सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस नीति की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यदि कोई बहन-बेटी की सुरक्षा पर हाथ डालने का दुस्साहस करेगा, तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार कर रहा होगा। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं—पहले दूर रिश्तेदारों के यहां पढ़ने जाती थीं, अब घर से 5-10 किमी दूर स्कूल जाती हैं। रात्रि शिफ्ट में काम करने वाली महिलाएं भी सुरक्षित घर लौटती हैं।

राजस्थान से प्रेरणा लेते हैं

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दिख रहा परिवर्तन प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में है, लेकिन इसके पीछे राजस्थान की वीर भूमि का योगदान है। मेवाड़ के शौर्य, जौहर की वीरांगनाओं और मीराबाई की भक्ति से नई प्रेरणा मिलती है।

चित्तौड़गढ़ का किला भारत की अस्मिता का प्रहरी

चित्तौड़गढ़ दुर्ग को सिर्फ पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रहरी बताया। यह दुर्ग लगातार नई प्रेरणा देता है। हर सच्चा भारतीय यहां के राणाओं के बलिदान के प्रति श्रद्धा रखता है। भारतीयों के मन में महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जी के नाम अक्सर आते हैं।

सीता मां का संकल्प, पद्मिनी ने जौहर में दिखाया

योगी ने माता सीता के संकल्प को याद किया—यदि उनका सतित्व अखंड है तो धरती माता उन्हें गोद में समाहित कर लें। उन्होंने कहा कि महारानी पद्मिनी ने यही संकल्प जौहर के रूप में दिखाया। यह नारी गरिमा, भारत की धरती को विधर्मियों से मुक्त रखने और नारी के आन-बान-शान की रक्षा का प्रतीक था। किसी विधर्मी को भारत माता या नारी पर हाथ उठाने की इजाजत नहीं, यहां तक कि कदम भी नहीं रखने चाहिए।

नेताजी सुभाष होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता

योगी ने कहा कि यदि नेताजी सुभाष चंद्र बोस होते तो भारत का विभाजन नहीं होता और पापी पाकिस्तान भी नहीं बनता। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर निशाना साधा—ये वही लोग हैं जिन्होंने राम-कृष्ण को नकारा, राम मंदिर रोकने की कोशिश की और राम सेतु तोड़ने की बात की।

नारी सुरक्षा ही असली राष्ट्रभक्ति (दोहराई गई बात पर जोर)

पद्मिनी के जौहर को सीता मां के संकल्प से जोड़ते हुए योगी ने दोहराया कि यह नारी गरिमा और राष्ट्र रक्षा का प्रतीक है।

विश्वराज सिंह की टिप्पणी

पूर्व राजपरिवार सदस्य और सांसद विश्वराज सिंह ने कहा कि समय-समय पर हमारे पूर्वजों और इतिहास के बारे में गलत बातें की जाती हैं। हमने बहुत झेल लिया, अब समय है सबक सिखाने का—लेकिन कानून के दायरे में रहकर। उन्होंने उदयपुर का उदाहरण दिया कि लोग अब इतिहास के लिए नहीं, नाच-गाने के लिए आते हैं। यदि पहचान मिट गई तो क्या फायदा? उदयपुर का सर्वनाश हो चुका है, और यदि ऐसे ही चला तो और खराब होगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.