बाड़मेर के सरकारी स्कूल में पंखा गिरने से दो छोटे छात्र घायल, परिजनों ने टीचर्स की लापरवाही का लगाया आरोप

बाड़मेर जिले के सांसियों का तला उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रार्थना सभा के बाद क्लास में पहुंचे दो छोटे छात्रों (कक्षा 1 और 2 के मनीष) पर छत से पंखा गिर गया। हुक टूटने से हादसा हुआ, जिसमें दोनों बच्चे सिर पर चोट लगने से घायल हो गए। स्कूल स्टाफ ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज जारी है। परिजनों ने टीचर्स की लापरवाही का आरोप लगाया और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

Mar 16, 2026 - 13:50
बाड़मेर के सरकारी स्कूल में पंखा गिरने से दो छोटे छात्र घायल, परिजनों ने टीचर्स की लापरवाही का लगाया आरोप

राजस्थान के बाड़मेर जिले में सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार सुबह सांसियों का तला उच्च प्राथमिक स्कूल में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें क्लासरूम में अचानक छत से लगा पंखा गिर गया। इस हादसे में दो छोटे छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों बच्चे प्रार्थना सभा के तुरंत बाद क्लास में पहुंचे थे और अपनी जगह पर बैठे ही थे कि हुक टूटने से पंखा उनके सिर पर जा गिरा।

हादसा सुबह करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। घायल छात्रों की पहचान पहली कक्षा के मनीष (5 वर्ष), पुत्र अर्जुनराम और दूसरी कक्षा के मनीष (6 वर्ष), पुत्र जबाराराम के रूप में हुई है। दोनों के नाम एक ही होने से भी टीचर ने उन्हें अलग-अलग पहचाना। क्लास में मौजूद अन्य बच्चे इस घटना को देखकर घबरा गए और चीखने-चिल्लाने लगे। अफरा-तफरी के बीच स्कूल स्टाफ और आस-पास के लोगों ने तुरंत दोनों घायल बच्चों को बाड़मेर के सरकारी जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

स्कूल टीचर मुकेशन ने घटना के बारे में बताया कि प्रार्थना सभा खत्म होने के बाद बच्चे क्लास की ओर जा रहे थे। ये दोनों छात्र सबसे पहले क्लास में पहुंचकर अपनी सीट पर बैठ गए थे, जबकि बाकी बच्चे अभी आ ही रहे थे। इसी दौरान लोहे के पैनल पर लगा पंखे का हुक अचानक टूट गया और पूरा पंखा दोनों बच्चों के सिर पर गिर पड़ा। टीचर ने कहा कि जैसे ही यह हादसा हुआ, बाकी बच्चों ने स्टाफ को सूचना दी और वे तुरंत अस्पताल लेकर गए।

घटना की सूचना मिलते ही दोनों बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंचे। एक घायल बच्चे मनीष की मां ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने सुबह 9 बजे बच्चे को तैयार करके स्कूल भेजा था। स्कूल उनके घर के बहुत पास है, इसलिए वे रोजाना पैदल ही जाते हैं। टीचर के फोन पर पता चला कि बच्चे को चोट लगी है, तो वे दौड़कर अस्पताल पहुंचीं। पड़ोस के सुनील सिंह ने बाइक पर बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद की, जबकि स्कूल स्टाफ भी साथ था।

मां ने गुस्से में कहा, "यह पूरी तरह स्कूल के टीचर्स की लापरवाही है। उन्हें बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए था। हमें क्या पता कि स्कूल का पंखा ठीक है या नहीं? इतने छोटे बच्चों को ऐसी जगह भेजना कहां तक सुरक्षित है?" उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव की कमी है, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

यह घटना सरकारी स्कूलों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है। पिछले कुछ समय में राजस्थान के कई जिलों में स्कूल भवनों की जर्जर हालत के कारण हादसे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। परिजनों की मांग है कि स्कूल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई हो और सभी सरकारी स्कूलों की सुरक्षा जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.