राजस्थान में बड़ा फर्जीवाड़ा: डमी कैंडिडेट बैठाकर सीनियर टीचर बना आरोपी, दो साल फरार रहने के बाद SOG ने शिक्षक समेत दो को किया गिरफ्तार
राजस्थान में RPSC सीनियर टीचर (द्वितीय श्रेणी) भर्ती परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाकर चयनित होने वाला आरोपी अशोक कुमार विश्नोई (बाड़मेर) और एक डमी कैंडिडेट विजय पाल सिंह (जालोर) को SOG ने गिरफ्तार किया। अशोक ने अपनी जगह हनुमानाराम को परीक्षा दिलवाई, जो पहले से टीचर था। दोनों दो साल फरार थे, इनाम घोषित था। अन्य मामलों में MBBS छात्र और टीचर भी डमी बने। जांच जारी, कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
राजस्थान में सरकारी नौकरी पाने के लिए परीक्षा में धांधली का एक और बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाकर चयनित हुए एक आरोपी शिक्षक और एक डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पिछले दो साल से अपनी पहचान छिपाकर ठिकाने बदल-बदलकर फरार चल रहे थे।
गिरफ्तारी का विवरण
एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने जानकारी दी कि दिसंबर 2023 में दर्ज इस चीटिंग केस में सोमवार रात (मार्च 2026 में) कार्रवाई की गई।अशोक कुमार विश्नोई (29 वर्ष, पुत्र हनुमानाराम विश्नोई, निवासी धोरीमन्ना, बाड़मेर) को बाड़मेर से गिरफ्तार किया गया। वह मूल आरोपी था, जिसने अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर सीनियर टीचर पद हासिल किया था। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद वह फरार था और उसके सिर पर 5 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।विजय पाल सिंह (30 वर्ष, पुत्र जगदीश चंद्र विश्नोई, निवासी सांचौर, जालोर) को जालोर से अरेस्ट किया गया। वह एक डमी कैंडिडेट था, जिसने किसी अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी। उसके सिर पर 10 हजार रुपये का इनाम था।एसओजी ने इनके साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया था।
परीक्षा में कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
आरपीएससी ने सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 आयोजित की थी।24 दिसंबर 2022 को सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान तथा विज्ञान विषय की परीक्षा हुई, लेकिन ये पेपर लीक हो गए थे। इसलिए परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।इसके बाद 29 जनवरी 2023 को दोबारा परीक्षा कराई गई।इस दोबारा परीक्षा में आरोपी अशोक कुमार विश्नोई ने अपनी जगह हनुमानाराम (पुत्र तेजाराम विश्नोई, निवासी बागोड़ा, जालोर) को दोनों विषयों की परीक्षा दिलवाई। हनुमानाराम उस समय जालोर के बिलड़ में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में सीनियर टीचर (सामाजिक विज्ञान) के पद पर तैनात था। डमी कैंडिडेट की मदद से अशोक कुमार चयनित हो गया और सीनियर टीचर बन गया। हनुमानाराम को 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अन्य संबंधित मामले
इसी तरह का एक और मामला सामने आया:सूरत राम मीणा (निवासी बामनवास, सवाई माधोपुर) ने भी दोनों विषयों की परीक्षा खुद नहीं दी।विज्ञान विषय में डमी कैंडिडेट महिपाल विश्नोई (पुत्र रामरख राम विश्नोई, निवासी लोहावट, फलोदी) को बैठाया, जो कोटा के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फोर्थ ईयर का छात्र था। महिपाल को भी 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय में विजय पाल सिंह ने परीक्षा दी।