सरकारी जमीन को निजी बताकर बेचने का बड़ा घोटाला: बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि फंसे, पांच FIR दर्ज

बीकानेर की पॉश कॉलोनी समता नगर में सरकारी जमीन को निजी बताकर बेचने के मामले में बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पांच अलग-अलग FIR दर्ज, पुलिस ने जांच शुरू की।

Nov 21, 2025 - 15:43
सरकारी जमीन को निजी बताकर बेचने का बड़ा घोटाला: बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि फंसे, पांच FIR दर्ज

बीकानेर, 21 नवंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर शहर की सबसे महंगी और पॉश कॉलोनियों में शुमार समता नगर में एक बड़ा भूमि घोटाला सामने आया है। यहां सरकारी जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताकर बेचने का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के खिलाफ पांच अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई हैं। बीछवाल थाने में दर्ज इन शिकायतों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने सभी मामलों की गहन जांच शुरू कर दी है, और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की तैयारी की जा रही है।

घटना का पूरा विवरण;   समता नगर बीकानेर की उन चुनिंदा कॉलोनियों में से एक है, जहां संपत्ति के दाम आसमान छूते हैं। इस कॉलोनी में प्लॉटों की कीमतें लाखों से करोड़ों तक पहुंच जाती हैं, जिसका फायदा उठाकर धोखेबाजों ने सरकारी जमीन को निशाना बनाया। आरोप है कि बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने विभिन्न प्लॉटों पर सरकारी स्वामित्व वाली भूमि को अपनी कंपनी की निजी संपत्ति के रूप में प्रचारित किया और कई लोगों को भ्रमित कर बिक्री के समझौते करवाए। इन सौदों में नकली दस्तावेज, फर्जी रजिस्ट्री और गुमराह करने वाली जानकारी का इस्तेमाल किया गया।पीड़ितों ने बताया कि उन्हें आकर्षक ऑफर देकर प्लॉट बेचे गए, लेकिन बाद में पता चला कि जमीन सरकारी है और कोई वैध स्वामित्व नहीं है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि कई परिवारों की जमा-पूंजी डूब गई। पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात जैसे गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है।

पीड़ितों की शिकायतें: पांच परिवारों का दर्द बीछवाल थाने के अंतर्गत आने वाले समता नगर में रहने वाले पांच परिवारों ने अलग-अलग थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इनमें से हर शिकायत में बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों को नामजद किया गया है। पीड़ितों के नाम और उनके प्लॉट नंबर इस प्रकार हैं:सुखराम परिहार (81 AB प्लॉट): सुखराम ने बताया कि उन्हें कंपनी के प्रतिनिधि ने एक आकर्षक प्लॉट का ऑफर दिया, जिसमें कथित तौर पर सभी कानूनी कागजात पूरे बताए गए। उन्होंने लाखों रुपये का भुगतान किया, लेकिन जांच में पता चला कि जमीन सरकारी है। सुखराम ने कहा, "हमने अपना जीवन भर का कमाया धन लगा दिया, अब सब बर्बाद हो गया।" कमलेश कुमार शर्मा (D 80 प्लॉट): कमलेश ने शिकायत की कि बिक्री के दौरान कंपनी ने फर्जी नक्शे और स्वामित्व पत्र दिखाए। उन्होंने परिवार के साथ मिलकर प्लॉट खरीदा था, लेकिन अब सरकारी विभाग ने जमीन पर कब्जा का दावा ठोक दिया है। उमाशंकर माथुर (D 19 प्लॉट): उमाशंकर ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि प्लॉट पर तुरंत निर्माण शुरू किया जा सकता है। पैसे देने के बाद ही सच्चाई सामने आई। हेतराम बिश्नोई (C 112 प्लॉट): हेतराम ने बताया कि सौदा करते समय कंपनी ने कम रेट का लालच दिया, लेकिन अब न तो पैसा लौटा और न ही प्लॉट मिला। किशन सेनी (B 107 प्लॉट): किशन की शिकायत में सबसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया कि प्रतिनिधियों ने सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की कोशिश की। ये सभी पीड़ित स्थानीय निवासी हैं, जो समता नगर में पहले से बसे हुए हैं। उनकी शिकायतों से साफ है कि घोटाला सुनियोजित था और कई अन्य लोग भी फंस सकते हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा;  बीछवाल थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि पांचों FIR एक ही दिन में दर्ज की गईं, जिसके बाद एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। पुलिस सरकारी भूमि रिकॉर्ड की जांच कर रही है, जिसमें राजस्व विभाग और नगर निगम के दस्तावेज शामिल हैं। कंपनी के प्रतिनिधियों की पहचान हो चुकी है, और उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला पिछले छह महीनों से चल रहा था, और संभवतः अन्य कॉलोनियों में भी इसी तरह के मामले हो सकते हैं। जांच में कंपनी के दफ्तरों पर छापा मारने और बिक्री रिकॉर्ड जब्त करने की योजना है। यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं, तो मामला और बड़ा हो सकता है।

पृष्ठभूमि: बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड का काला इतिहास? बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड एक स्थानीय रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी कंपनी है, जो होटल व्यवसाय के साथ-साथ संपत्ति विकास में सक्रिय है। कंपनी पर पहले भी कुछ छोटे-मोटे विवादों का आरोप रहा है, लेकिन यह पहला बड़ा मामला है जहां सरकारी जमीन को निशाना बनाने का इल्जाम लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ते घोटालों के कारण सरकारी भूमि पर नजरें टिक रही हैं, खासकर पॉश इलाकों में।समता नगर जैसे इलाकों में सरकारी जमीन का दुरुपयोग रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पहले भी चेतावनी जारी की थी, लेकिन इस घटना ने फिर से सतर्कता की जरूरत पर जोर दिया है। पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि न केवल पैसे लौटाए जाएं, बल्कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

प्रभाव और सबक;  यह घटना न केवल पीड़ितों के लिए आघात है, बल्कि पूरे रियल एस्टेट बाजार पर सवाल खड़े करती है। समता नगर जैसे पॉश इलाके में निवेश करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को अब दस्तावेजों की दोहरी जांच की सलाह दी जा रही है। राजस्थान सरकार ने भी भूमि घोटालों पर सख्ती का ऐलान किया है, और इस मामले की निगरानी उच्च स्तर पर हो रही है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.