818 करोड़ की लागत से मनोहरपुर-दौसा एनएच-148 बनेगा फोरलेन, 18 फरवरी को खुलेंगे टेंडर पुलिया और अंडरपास से सफर होगा सुरक्षित
राजस्थान में मनोहरपुर-दौसा एनएच-148 को 818.46 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया जाएगा। 62 किमी लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 18 फरवरी को टेंडर खोले जाएंगे। परियोजना के तहत 9 नई पुलियाएं, 4 पुरानी पुलियाओं का पुनर्निर्माण और 2 लाइट व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे। फोरलेन बनने से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, दुर्घटनाएं कम होंगी और श्रद्धालुओं व आम यात्रियों का सफर आसान होगा।
राजस्थान में सड़क आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मनोहरपुर से दौसा तक जाने वाले नेशनल हाईवे-148 को अब फोरलेन में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 18 फरवरी को टेंडर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। करीब 818 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से 62 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिससे जयपुर क्षेत्र सहित आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
महत्वपूर्ण हाईवे को मिलेगा नया रूप
यह मार्ग जयपुर-दिल्ली और जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे के साथ-साथ जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे को जोड़ता है। धार्मिक और व्यावसायिक दृष्टि से अहम होने के कारण यहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। दो लेन सड़क होने के कारण दुर्घटनाओं की संख्या भी अधिक रही, जिसे देखते हुए फोरलेन निर्माण का निर्णय लिया गया।
नई पुलियाएं और अंडरपास होंगे तैयार
परियोजना के तहत कुल 9 नई पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा, जबकि 4 पुरानी पुलियाओं को चौड़ा कर आधुनिक मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।
दौसा जिले की सीमा में 3 नई पुलियाएं और 2 लाइट व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे।
जयपुर जिले में 6 नई पुलियाओं का निर्माण प्रस्तावित है।
गठवाड़ी, दांतली, भावनी, थाना मोड़ आंधी, फूटोलाव मोड़, डांगरवाड़ा, बापी, खुरी खुर्द और जसोता समेत कई स्थानों पर नई संरचनाएं बनाई जाएंगी।
छोटे वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था
बापी क्षेत्र में दो स्थानों पर लाइट व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय यातायात बिना मुख्य हाईवे को बाधित किए संचालित हो सकेगा। इसके अलावा चिलपली मोड़, रायसर, थली मोड़ और बासड़ी की पुरानी पुलियाओं को भी फोरलेन के अनुरूप दोबारा विकसित किया जाएगा।
सर्विस लेन और डिवाइडर से बढ़ेगी सुरक्षा
नई सड़क डिजाइन के तहत दोनों ओर लगभग 10.5-10.5 मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएगी और बीच में डिवाइडर स्थापित किया जाएगा। अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की आवाजाही के लिए निर्धारित लंबाई भी तय की गई है, ताकि ट्रैफिक संचालन व्यवस्थित और सुरक्षित रहे।
दुर्घटनाओं पर लगेगी रोक
यह मार्ग लंबे समय से सड़क हादसों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। वर्ष 2025 में यहां 75 लोगों की जान गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। फोरलेन बनने के बाद ओवरटेकिंग की समस्या कम होगी और यातायात अधिक नियंत्रित तरीके से चलेगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं और यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
यह हाईवे मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, भरतपुर और दौसा क्षेत्र से खाटूश्यामजी व सालासर धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख मार्ग है। चौड़ी और सुरक्षित सड़क बनने से यात्रा समय कम होगा और लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर, मनोहरपुर-दौसा हाईवे का फोरलेन निर्माण न केवल यातायात को सुरक्षित बनाएगा बल्कि क्षेत्रीय विकास, व्यापारिक गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति देगा।