राजस्थान की जीत का तूफान! दिल्ली को 8 विकेट से कर दिया क्लीन

जोधपुर के Barkatullah Khan Stadium में आयोजित नेशनल दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में राजस्थान की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को 8 विकेट से हराकर खिताब जीत लिया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 109 रन बनाए, लेकिन राजस्थान की टीम ने बेहतरीन तालमेल और आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य का पीछा करते हुए आसानी से जीत दर्ज की। यह टूर्नामेंट विकलांग शिक्षण सेवा संस्थान, जोधपुर की देखरेख में आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और जज़्बे का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि मजबूत हौसलों के आगे किसी भी तरह की शारीरिक चुनौती बाधा नहीं बन सकती। समापन समारोह में मुख्य अतिथि Parikshit Singh और Devendra Joshi ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर, बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। कुल मिलाकर, यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं बल्कि आत्मविश्वास, संघर्ष और प्रेरणा की जीत है, जिसने पूरे प्रदेश को गर्व महसूस कराया।

Apr 14, 2026 - 13:16
राजस्थान की जीत का तूफान! दिल्ली को 8 विकेट से कर दिया क्लीन

जोधपुर के Barkatullah Khan Stadium में खेले गए नेशनल दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में राजस्थान की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को 8 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं था, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसले, संघर्ष, आत्मविश्वास और जज़्बे की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी बन गया, जिसने हर दर्शक के दिल को छू लिया।

फाइनल मुकाबले में दिल्ली की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 109 रन बनाए। शुरुआत में यह स्कोर प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा था, लेकिन राजस्थान की टीम ने जिस संयम और आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य का पीछा किया, वह काबिले-तारीफ रहा। खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही शानदार तालमेल दिखाया, हर शॉट सोच-समझकर खेला और धीरे-धीरे मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करते चले गए। अंत में राजस्थान ने केवल 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 8 विकेट से यह मुकाबला जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

इस पूरे टूर्नामेंट का आयोजन विकलांग शिक्षण सेवा संस्थान, जोधपुर की देखरेख में किया गया था। आयोजन के दौरान देशभर से आए दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल भावना का बेहतरीन प्रदर्शन किया। हर मैच में खिलाड़ियों ने यह साबित किया कि अगर हौसले मजबूत हों और इरादे पक्के हों, तो कोई भी शारीरिक चुनौती उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।

समापन समारोह में विजेता राजस्थान टीम, उपविजेता दिल्ली टीम और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि Parikshit Singh ने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें समान अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें केवल सहानुभूति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें मजबूत मंच, बेहतर सुविधाएं और निरंतर समर्थन देना चाहिए, ताकि वे खेल जगत में देश का नाम और रोशन कर सकें।

इसी अवसर पर Devendra Joshi ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों की क्षमता पर विश्वास करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, न कि केवल सहानुभूति दिखाई जाए। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और समावेशिता को बढ़ावा देते हैं।

इस पूरे टूर्नामेंट ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, मेहनत, अनुशासन और जज़्बे की पहचान है। राजस्थान की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल ट्रॉफी दिलाई, बल्कि पूरे प्रदेश को गर्व और प्रेरणा से भर दिया। यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश छोड़ गई है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।