भीलवाड़ा में राजस्थान पुलिस के ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर की आत्महत्या: प्रमोशन के कुछ दिन बाद ही मानसिक तनाव में लिया कदम
भीलवाड़ा के कोतवाली थाने में तैनात ASI महावीर सिंह ने शुक्रवार सुबह अपने घर में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कुछ समय पहले ही उनका हेड कॉन्स्टेबल से ASI पद पर प्रमोशन हुआ था, लेकिन पिछले दिनों वे मानसिक तनाव में थे। घटना के बाद एसपी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
भीलवाड़ा, 6 मार्च 2026: राजस्थान पुलिस में एक दर्दनाक घटना ने पूरे विभाग और स्थानीय समाज को झकझोर कर रख दिया है। भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) महावीर सिंह ने शुक्रवार सुबह अपने ही घर में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय वह घर में अकेले थे और फायरिंग की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना का विवरण
ASI महावीर सिंह ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अपने घर में यह कदम उठाया। फायरिंग की आवाज सुनते ही पड़ोसी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही भीलवाड़ा के एसपी धर्मेंद्र सिंह, कोतवाली थाना पुलिस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने मौके पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया।
प्रमोशन के बाद तनाव की बात
जानकारी के अनुसार, ASI महावीर सिंह का कुछ समय पहले ही हेड कॉन्स्टेबल से असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर प्रमोशन हुआ था। प्रमोशन एक उपलब्धि होने के बावजूद, पिछले कुछ समय से वह मानसिक तनाव में चल रहे थे। परिवार और परिचितों ने बताया कि वे पिछले दिनों काफी परेशान नजर आ रहे थे, हालांकि तनाव की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस जांच में इस पहलू पर गहराई से छानबीन की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सर्विस रिवॉल्वर को भी बरामद कर लिया है और मामले की पूरी जांच कर रही है।यह घटना पुलिस विभाग में काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े करती है, खासकर जब हाल ही में प्रमोशन जैसी सकारात्मक घटना के बाद भी ऐसा कदम उठाया गया हो। विभागीय स्तर पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए काउंसलिंग और सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।