Jaipur : खाकी वर्दी अब खुद कटघरे में...IG किशन सहाय मीणा पर 53 साल की महिला ने लगाए गंभीर आरोप...
एक चिट्ठी, एक सरकारी बंगला और एक बड़ा नाम… क्या सच में वर्दी के पीछे छिपा है कोई काला सच, या फिर ये है साजिश का जाल
जयपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजस्थान पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। आरोप किसी आम शख्स पर नहीं, बल्कि किशन सहाय मीणा जैसे वरिष्ठ अधिकारी पर लगे हैं, जो वर्तमान में आईजी (मानवाधिकार) के पद पर तैनात हैं।
एक 53 वर्षीय महिला ने डाक के जरिए थाने में शिकायत भेजते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि आईजी मीणा ने शादी का झांसा देकर उन्हें अपने सरकारी आवास पर बुलाया और वहां उनके साथ जबरदस्ती की। इतना ही नहीं, विरोध करने पर मारपीट और मोबाइल छीनने का भी आरोप लगाया गया है।
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि पिछले तीन महीनों से उसे वीडियो कॉल के जरिए धमकाया जा रहा था, ताकि वह इस मामले में चुप रहे। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
हालांकि, किशन सहाय मीणा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और वे जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि उनके और महिला के बीच हुई बातचीत (चैट) की जांच कराई जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
गौरतलब है कि 2004 बैच के इस आईपीएस अधिकारी का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। साल 2025 में झारखंड चुनाव ड्यूटी के दौरान बिना सूचना जयपुर लौटने के मामले में उन्हें सस्पेंड किया गया था। इसके अलावा वे लंबे समय तक एपीओ (Awaiting Posting Order) भी रह चुके हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून की रक्षा करने वाले ही कटघरे में खड़े हो जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए। अब सबकी नजर जांच पर टिकी है—क्या वर्दी बेदाग साबित होगी या इस बार कानून का शिकंजा किसी बड़े अफसर तक पहुंचेगा?