आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकारी नौकरी का पहला दिन ही आखिरी सफर में बदल गया, जानिए पूरा मामला
सुबह नौकरी की जॉइनिंग के लिए निकली थी, चेहरे पर नए सपनों की चमक थी… लेकिन कुछ ही घंटों में चौमूं-अजीतगढ़ हाईवे पर ऐसा क्या हुआ कि खुशियों का सफर हमेशा के लिए थम गया?
राजस्थान के चौमूं-अजीतगढ़ स्टेट हाईवे पर शुक्रवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। खेड़ी लोहरवाड़ा (जोबनेर) निवासी एएनएम आशा खूंटेटा (37) अपने पति बंशीधर खूंटेटा के साथ नई नौकरी की जॉइनिंग के लिए बाइक पर निकली थीं। चेहरे पर नए जीवन की शुरुआत की खुशी थी और आंखों में भविष्य के सपने थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें मंजिल तक पहुंचने से पहले ही छीन लिया।
सुबह करीब 8 बजे बंदोल गांव के पास जब दंपती बाइक से गुजर रहे थे, तभी स्पीड ब्रेकर पर उन्होंने वाहन की रफ्तार धीमी की। उसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान ट्रेलर आशा खूंटेटा को कुचलता हुआ निकल गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे में उनके पति बंशीधर गंभीर रूप से घायल हो गए, हालांकि वे उछलकर सड़क से दूर गिरने के कारण बड़ी अनहोनी से बच गए।
नौकरी का सपना अधूरा रह गया
आशा खूंटेटा का चयन एएनएम (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) पद पर हुआ था और वह पहली बार जॉइनिंग के लिए अमरसर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जा रही थीं। परिवार में इस नई शुरुआत को लेकर खुशी का माहौल था, लेकिन यह खुशी कुछ ही पलों में मातम में बदल गई।
घटना के बाद मचा हड़कंप
हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सामोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। घायल बंशीधर को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
पुलिस ने शव को चौमूं उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
चालक फरार, ट्रेलर जब्त
पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है, हालांकि चालक मौके से फरार हो गया। बताया गया कि लोगों ने पीछा कर वाहन को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह ट्रेलर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने मामले में लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ब्रेकर बने हादसे की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौमूं-अजीतगढ़ स्टेट हाईवे पर कई जगह स्पीड ब्रेकर हैं, लेकिन उन पर पर्याप्त संकेत और सफेद पट्टियां नहीं लगी हैं। इसी कारण वाहन चालक ब्रेकर को समय पर नहीं देख पाते और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। बंदोल गांव के पास भी यही स्थिति इस दुर्घटना का कारण बनी।
गांव में छाया मातम
जैसे ही आशा खूंटेटा की मौत की खबर उनके गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर में नई नौकरी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है।