रातों-रात क्यों बंद हुआ जयपुर का अजमेरी गेट? पुलिस-प्रशासन भी नहीं दे पाया जवाब... जानिए क्या है पूरी खबर
सुबह जयपुर का सबसे व्यस्त अजमेरी गेट बंद मिला तो ट्रैफिक थम गया और लोग घंटों परेशान रहे। सबसे बड़ा सवाल—आखिर रातों-रात गेट किसने बंद किया और प्रशासन को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी? जानिए पूरी खबर
राजधानी जयपुर में शनिवार सुबह एक हैरान करने वाली घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक मार्गों में शामिल अजमेरी गेट दरवाजा रहस्यमयी तरीके से बंद मिला, जिसके चलते सुबह से ही इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
अजमेरी गेट, जो आमतौर पर 24 घंटे खुला रहता है और जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, उसके अचानक बंद होने से किशनपोल बाजार, एमआई रोड और आसपास के इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, व्यापारी और आम लोग घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।
वाहनों की लगी लंबी कतारें
सुबह जब लोग अपने काम के लिए निकले तो उन्होंने देखा कि अजमेरी गेट का मुख्य दरवाजा पूरी तरह बंद है। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों से जाना पड़ा, जिससे अन्य मार्गों पर भी ट्रैफिक दबाव बढ़ गया।
स्थिति तब और चौंकाने वाली हो गई जब पता चला कि प्रदेश का सबसे बड़ा ट्रैफिक पुलिस कार्यालय ‘यादगार’ इस स्थान से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। इतना ही नहीं, चौराहे पर 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, बावजूद इसके किसी को यह तक पता नहीं चला कि गेट कब और किसने बंद किया।
लोगों ने खुद खोला गेट
घंटों तक प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों ने खुद पहल की। सुबह करीब 10 बजे नागरिकों ने मिलकर गेट खोला, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला
घटना सामने आने के बाद जब जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल पूछे गए तो सभी ने अनभिज्ञता जाहिर की।
संदेश नायक ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी और नगर निगम से रिपोर्ट मांगी गई है।
वहीं ओम केसरा ने कहा कि गेट बंद होने की वजह की जांच कराई जा रही है।
नरेंद्र बंसल ने पहले कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन बाद में दावा किया कि रात में आए आंधी-तूफान के कारण संभवतः गेट बंद हो गया होगा।
पुलिस का अजीब तर्क
कोतवाली थाना पुलिस ने भी इस मामले में हैरान करने वाला बयान दिया। पुलिस का कहना है कि संभवतः तेज आंधी के कारण गेट अपने आप बंद हो गया होगा। साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि गेट का अंदरूनी हिस्सा कोतवाली थाना क्षेत्र और बाहरी हिस्सा जालूपुरा थाना क्षेत्र में आता है।
प्रशासन पर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ एक बंद गेट की नहीं, बल्कि राजधानी की सुरक्षा और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। जिस जगह पर लगातार पुलिस मौजूद रहती है, वहां ऐतिहासिक दरवाजा घंटों तक बंद रहा और किसी को इसकी जानकारी तक नहीं हुई।
अब प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है कि आखिर अजमेरी गेट किसने बंद किया और इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
बड़ा सवाल:
क्या सच में आंधी ने गेट बंद किया... या फिर इसके पीछे कोई बड़ी लापरवाही छिपी है?