भरतपुर के सरकारी हॉस्टल में 16 वर्षीय छात्र ने फंदा लगाकर की आत्महत्या: बोर्ड परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले लिया दर्दनाक कदम, एक दिन पहले ही घर से लौटा था
राजस्थान के भरतपुर में एक सरकारी हॉस्टल (अंबेडकर छात्रावास) में 16 वर्षीय 12वीं साइंस (बायोलॉजी) का छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। RBSE बोर्ड परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले (13 फरवरी से एग्जाम शुरू होने थे) यह घटना सोमवार सुबह हुई। छात्र रविवार को घर से लौटा था, रात में पढ़ाई की और अकेला सोया। सुबह नाश्ता देने गए रसोइए और छात्र ने दरवाजा तोड़कर शव पंखे से लटका पाया। दो साल से हॉस्टल में रह रहा था, कारण अभी अज्ञात, जांच जारी। परीक्षा तनाव को मुख्य वजह माना जा रहा है।
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी छात्रावास में पढ़ने वाला 16 वर्षीय नाबालिग छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना सोमवार सुबह मथुरा गेट थाना क्षेत्र के अंबेडकर छात्रावास में हुई। छात्र कक्षा 12वीं साइंस (बायोलॉजी) का छात्र था और राजस्थान बोर्ड (RBSE) की परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू होने वाली थीं—यानी सुसाइड के महज तीन दिन पहले।
घटना का पूरा विवरण
छात्रावास में रहने वाले इस छात्र का शव सुबह करीब 6:30 बजे के आसपास मिला। हॉस्टल के रसोइए ने एक अन्य छात्र के साथ मिलकर उसे नाश्ता देने के लिए कमरे में जाने की कोशिश की। जब दरवाजा नहीं खुला और कई बार खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो छात्र ने दरवाजे पर लात मारकर उसे तोड़ा। अंदर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि नाबालिग छात्र पंखे से बेडशीट से बने फंदे पर लटका हुआ था। तुरंत सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन छात्र की मौत हो चुकी थी।
छात्र का बैकग्राउंड और हॉस्टल में रहना
छात्र रूदावल थाना क्षेत्र का निवासी था।वह पिछले दो साल से इसी सरकारी हॉस्टल (अंबेडकर छात्रावास) में रह रहा था।11वीं कक्षा से यहां एडमिशन लिया था।पढ़ाई शहर के एक प्राइवेट स्कूल से कर रहा था।हॉस्टल में कुल 14 छात्रों वाला कमरा था, जिसमें उसका चचेरा भाई भी रहता था।छात्रावास अधीक्षक के अनुसार, वह सात-आठ दिन से हॉस्टल में नहीं था और रविवार को ही घर से लौटा था।
घटना से ठीक पहले की स्थिति
रविवार को घर से लौटने के बाद छात्र ने सामान्य दिनचर्या अपनाई:रात 8 बजे खाना खाया।रात 10 बजे तक पढ़ाई की।अन्य छात्रों के साथ बातचीत की और सामान्य व्यवहार किया।उसके बाद सोने चला गया।रविवार होने के कारण हॉस्टल में ज्यादातर छात्र अपने दोस्तों के कमरों या बाहर गए थे। उसका चचेरा भाई भी दूसरे कमरे में था, जिससे नाबालिग छात्र रात में अकेला ही रहा।सुबह चौकीदार को उठाने गए, लेकिन गेट नहीं खुला। इसके बाद रसोइया और छात्र ने दरवाजा तोड़ा और शव देखा।
सुसाइड के संभावित कारण
अभी तक पुलिस या हॉस्टल प्रशासन की ओर से सुसाइड का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। जांच जारी है। बोर्ड परीक्षा का दबाव, पढ़ाई संबंधी तनाव, या कोई व्यक्तिगत समस्या हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों और साथियों से पूछताछ की जा रही है।