बाड़मेर में पेयजल सप्लाई दो दिन तक बाधित: मुख्य पाइपलाइन में लीकेज से शहरवासियों की बढ़ी मुश्किल

बाड़मेर शहर और आसपास के क्षेत्रों में मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के कारण अगले दो दिनों तक पेयजल सप्लाई बाधित रहेगी। इंदिरा गांधी नहर से आने वाला पानी मोहनगढ़ से भागू गांव के बीच की पाइपलाइन से प्रभावित है, जिससे शहरवासियों को परेशानी हो रही है। पीएचईडी विभाग मरम्मत कार्य में जुटा है।

Dec 16, 2025 - 11:13
बाड़मेर में पेयजल सप्लाई दो दिन तक बाधित: मुख्य पाइपलाइन में लीकेज से शहरवासियों की बढ़ी मुश्किल

बाड़मेर (राजस्थान)। रेगिस्तान के बीच बसे बाड़मेर शहर और आसपास के इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। मोहनगढ़ से भागू गांव के बीच बाड़मेर लिफ्ट परियोजना की मुख्य पाइपलाइन में बड़े लीकेज के कारण अगले दो दिनों तक पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित रहेगी। इस समस्या की शुरुआत मंगलवार से हो गई, जिससे शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) नगर खंड के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) बिजेंद्र प्रसाद मीणा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बाड़मेर लिफ्ट परियोजना की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। विभाग की टीम लीकेज की मरम्मत में जुटी हुई है, लेकिन मरम्मत कार्य पूरा होने तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकेगी। अनुमान है कि दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन तब तक शहरवासियों से पानी का मितव्ययी उपयोग करने की अपील की गई है।

पानी की सप्लाई कैसे होती है बाड़मेर में? बाड़मेर शहर की पेयजल आवश्यकता मुख्य रूप से इंदिरा गांधी नहर पर निर्भर है। पानी इंदिरा गांधी नहर से बाड़मेर लिफ्ट कैनाल के जरिए मोहनगढ़ हैडवर्क्स तक पहुंचता है। यहां से लिफ्ट करके मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक सप्लाई की जाती है। मोहनगढ़ से भागू गांव तक की यह मुख्य पाइपलाइन शहर की लाइफलाइन मानी जाती है। किसी भी तरह की क्षति या लीकेज से पूरी व्यवस्था ठप हो जाती है।पिछले कुछ वर्षों में ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रही हैं। कभी नहर बंदी के कारण, कभी बिजली की अनियमितता और कभी पाइपलाइन लीकेज से बाड़मेर और जैसलमेर के कई इलाकों में पानी का संकट पैदा हो जाता है। इस बार लीकेज की वजह से शहर के अलावा आसपास के कई मोहल्लों और गांवों में भी पानी नहीं पहुंच पाएगा।

लोगों पर क्या असर पड़ेगा?शहर के मुख्य क्षेत्र प्रभावित: बाड़मेर शहर के अधिकांश वार्डों में नल सूखे रहेंगे। ग्रामीण इलाके भी प्रभावित: लिफ्ट कैनाल से जुड़े आसपास के गांवों में भी सप्लाई रुकेगी। वैकल्पिक इंतजाम: लोग निजी टैंकरों या पुराने स्टोरेज पर निर्भर रहेंगे। गर्मी के मौसम में पहले से पानी की किल्लत रहती है, ऐसे में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। विभाग की अपील: पीएचईडी अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और बर्बादी रोकें। जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.