बाड़मेर में कांग्रेस कार्यालय की चारदीवारी निर्माण पर विवाद: नगर परिषद ने काम रुकवाया, सामान जब्त किया, बाद में गलतफहमी बताते हुए लौटाया

बाड़मेर में कांग्रेस जिला कार्यालय के लिए आवंटित जमीन पर चारदीवारी निर्माण के दौरान नगर परिषद की टीम ने काम रुकवा दिया और सामग्री जब्त कर ली। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने इसे गलतफहमी बताया और कहा कि जमीन नगर परिषद द्वारा ही आवंटित की गई थी तथा 24 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं। विरोध करने वाली महिलाओं ने जमीन पर अपना हक जताया। बाद में जब्त सामान वापस लौटा दिया गया।

Apr 7, 2026 - 10:47
Apr 7, 2026 - 10:48
बाड़मेर में कांग्रेस कार्यालय की चारदीवारी निर्माण पर विवाद: नगर परिषद ने काम रुकवाया, सामान जब्त किया, बाद में गलतफहमी बताते हुए लौटाया

बाड़मेर। कांग्रेस पार्टी के जिला कार्यालय के लिए आवंटित जमीन पर चारदीवारी निर्माण कार्य के दौरान अचानक विवाद खड़ा हो गया। सोमवार को निर्माण स्थल पर नगर परिषद की टीम पहुंची, काम रुकवा दिया और मौके से निर्माण सामग्री जब्त कर ली। इस घटना के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने आयुक्त से मुलाकात की और आवंटन दस्तावेजों का हवाला देते हुए कार्रवाई पर आपत्ति जताई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने इसे गलतफहमी करार देते हुए बताया कि जब्त किया गया सामान बाद में वापस लौटा दिया गया।

पहले हुआ था जमीन का आवंटन, अब शुरू हुआ विवाद

कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान नगर परिषद ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को अलग-अलग जगहों पर पार्टी कार्यालय बनाने के लिए जमीन आवंटित की थी। बीजेपी ने अपनी आवंटित जमीन पर कार्यालय बना लिया, लेकिन कांग्रेस की जमीन पर अब चारदीवारी का निर्माण शुरू किया गया तो विवाद सामने आ गया।

उन्होंने कहा कि यह जमीन पूरी तरह से नियमों के अनुसार नगर परिषद द्वारा कांग्रेस पार्टी को आवंटित की गई थी और इसके लिए लगभग 24 लाख रुपये भी जमा कराए जा चुके हैं।

जमीन पर हक जताते हुए महिलाओं समेत स्थानीय लोगों का विरोध

निर्माण कार्य शुरू होते ही कुछ स्थानीय लोग और महिलाएं मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने जमीन पर अपना हक बताते हुए निर्माण का विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं ने दावा किया कि यह जमीन उनकी है और उन्होंने पहले भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।विरोध के दौरान निर्माण करने वालों और नगर परिषद की टीम के बीच तीखी कहासुनी भी हुई। विरोधकर्ताओं का कहना था कि बिना उनके सहमति के निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।

नगर परिषद की टीम ने रुकवाया काम और जब्त किया सामान

सोमवार को जब चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा था, उसी दौरान नगर परिषद की टीम अचानक मौके पर पहुंच गई। टीम ने तुरंत निर्माण कार्य रुकवा दिया और मौके से पावड़ा तथा टगारी (निर्माण में इस्तेमाल होने वाले औजार) जब्त कर लिए।इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।

कांग्रेस पदाधिकारी पहुंचे आयुक्त के पास, आवंटन का दिया हवाला

कार्रवाई के तुरंत बाद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगर परिषद आयुक्त से मिलने पहुंचे। उन्होंने आयुक्त को बताया कि यह जमीन नगर परिषद द्वारा ही कांग्रेस को आधिकारिक रूप से आवंटित की गई है। उन्होंने आवंटन पत्र और जमा किए गए 24 लाख रुपये के दस्तावेजों का हवाला दिया।जिलाध्यक्ष गोदारा ने स्पष्ट कहा कि यह पूरी कार्रवाई गलतफहमी के कारण हुई है। बाद में जब्त किया गया सामान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वापस लौटा दिया गया।

आयुक्त से संपर्क नहीं हो सका

इस पूरे मामले में नगर परिषद आयुक्त से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसलिए उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं हो सका।

क्या कहते हैं कांग्रेस जिलाध्यक्ष?

लक्ष्मण सिंह गोदारा ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी नियमों का पालन करते हुए कार्यालय निर्माण कर रही है। बीजेपी को भी इसी तरह जमीन दी गई थी और उन्होंने अपना कार्यालय बना लिया। अब कांग्रेस की बारी आने पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर परिषद जल्द ही इस गलतफहमी को दूर करेगी और निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकेगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.