अनूपगढ़ में दर्दनाक हादसा: करंट लगने से मां-बेटी की मौत, बेटी को बचाने में गई मां की जान
अनूपगढ़ में पानी गर्म करने की इलेक्ट्रिक रॉड से करंट लगने के कारण मां और उसकी तीन वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। बेटी को बचाने के प्रयास में मां भी करंट की चपेट में आ गई। घटना के समय घर में कोई अन्य बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।
अनूपगढ़ (श्रीगंगानगर): राजस्थान के अनूपगढ़ कस्बे में सोमवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल की जा रही इलेक्ट्रिक रॉड से करंट लगने के कारण मां और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मां अपनी तीन साल की बेटी को बचाने की कोशिश कर रही थी।
घटना वार्ड नंबर 34 स्थित गीता चौक के एक मकान में सुबह करीब 11:30 बजे हुई। पुलिस के अनुसार महिला सरोज (34) अपने घर में बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए इलेक्ट्रिक रॉड का इस्तेमाल कर रही थी। उसी दौरान उनकी तीन वर्षीय बेटी दिव्यांशी पास में खेल रही थी।खेलते-खेलते दिव्यांशी ने बाल्टी में हाथ डाल दिया, जिससे उसे जोरदार करंट लग गया। बेटी को तड़पता देख मां सरोज तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़ीं और उसे पकड़ लिया। लेकिन इस दौरान वह खुद भी करंट की चपेट में आ गईं। कुछ ही पलों में दोनों बेहोश होकर गिर गईं।
सरोज की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों ने देखा कि मां-बेटी दोनों अचेत अवस्था में पड़ी हुई हैं। उन्होंने तुरंत दोनों को अनूपगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।मृतका के पति विजय कुमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह सुबह मजदूरी के लिए घर से निकल गए थे। घर पर उनकी पत्नी सरोज, तीन वर्षीय बेटी दिव्यांशी और आठ महीने की छोटी बेटी मौजूद थीं। हादसे की सूचना उन्हें पड़ोसियों से मिली।
विजय कुमार ने बताया कि उनकी कुल चार बेटियां हैं, जिनमें से दो बड़ी बेटियां (6 और 5 साल) अपनी दादी के पास करणपुर गई हुई थीं। घटना के समय घर में केवल सरोज और दो छोटी बेटियां ही मौजूद थीं।थाना प्रभारी ईश्वर जांगिड़ ने बताया कि पुलिस ने मौके का मुआयना कर लिया है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्च्यूरी में रखवाया गया है। मामले की जांच जारी है।