400 फर्जी सिग्नेचर और आधी रात का वो एक 'क्लिक'... डिजिटल डकैती के पीछे कौन सा 'अंतरराष्ट्रीय चेहरा'? बड़ा खुलासा!

"जयपुर की डिजिटल सुरक्षा में ऐसी सेंधमारी, जिसने सरहदों के पार तक हड़कंप मचा दिया! आधी रात को हुआ वो एक 'क्लिक' और फिर जो हुआ, उसने पुलिस कमिश्नरेट की भी नींद उड़ा दी। जानने के लिए देखिए पूरी खबर..."

Apr 7, 2026 - 12:39
Apr 7, 2026 - 12:40
400 फर्जी सिग्नेचर और आधी रात का वो एक 'क्लिक'... डिजिटल डकैती के पीछे कौन सा 'अंतरराष्ट्रीय चेहरा'? बड़ा खुलासा!

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर की साइबर सेल ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने डिजिटल सुरक्षा में सेंध लगाकर देश के बड़े निर्यातकों की नींद उड़ा दी थी। 400 करोड़ रुपये के इस सनसनीखेज डीजीएफटी-आइसीईगेट (DGFT-ICEGATE) स्क्रिप घोटाले में पुलिस ने 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस संगठित अपराध का जाल राजस्थान से लेकर दुबई तक फैला हुआ है।

कैसे होता था 'डिजिटल' डाका?

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी सबसे पहले फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) तैयार करते थे। इसके बाद, निर्यातकों के सुरक्षित पोर्टल (DGFT) में अनधिकृत तरीके से लॉगिन कर उनकी प्रोफाइल में सेंध लगाते थे।

ठगों का सबसे पहला काम कंपनी के प्रोफाइल में दर्ज मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को बदलना होता था, ताकि असली मालिक को भनक तक न लगे। एक बार कंट्रोल मिलने के बाद, करोड़ों रुपये की 'ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स' को फर्जी म्यूल खातों (Mule Accounts) में ट्रांसफर कर लिया जाता था।

'मरुधर क्वार्ट्ज' की शिकायत ने खोला राज

इस बड़े घोटाले का खुलासा तब हुआ जब 'मरुधर क्वार्ट्ज सर्फेसेस प्रा. लि.' के निदेशक सौरभ बाफना ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि बिना लॉगिन किए ही उनकी आईडी से 17.88 लाख रुपये की पांच स्क्रिप्स पार कर दी गईं। जांच में पता चला कि अप्रैल 2025 में भी इसी तरह 15.80 लाख रुपये की चपत लगाई गई थी।

दुबई कनेक्शन और 400 फर्जी सर्टिफिकेट

स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने बताया कि जांच के दौरान राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली के अलावा दुबई के आईपी एड्रेस (IP Address) का उपयोग सामने आया है। गिरोह ने अब तक 400 से अधिक फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट बनाए थे। पुलिस का अनुमान है कि इस रैकेट के जरिए करीब 400 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।

पुलिस की गिरफ्त में ये 'मास्टरमाइंड'

पुलिस ने इस मामले में जोधपुर और पाली से जुड़े 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  1. सुल्तान खान (जोधपुर)

  2. नंद किशोर (जोधपुर)

  3. अशोक कुमार भंडारी (जोधपुर)

  4. प्रमोद खत्री (जोधपुर)

  5. निर्मल सोनी (पाली)

अभी भी 13 से अधिक संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और सीकर सहित कई इलाकों में दबिश दी जा रही है। राहत की बात यह रही कि जयपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की गई पूरी राशि को फ्रीज करवाकर मूल खातों में वापस करवा दिया है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground