BMC में पहली बार महिला कमिश्नर: कौन हैं अश्विनी भिडे, जिनके हाथों में अब मुंबई की कमान?
मुंबई की BMC में पहली बार महिला कमिश्नर बनीं अश्विनी भिडे, अब शहर के प्रशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी संभालेंगी।
मुंबई की सत्ता में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। देश की आर्थिक राजधानी की सबसे बड़ी नगर निगम बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को पहली बार महिला कमिश्नर मिली हैं। अश्विनी भिडे अब इस अहम पद को संभालेंगी और शहर के प्रशासन से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
पहली बार महिला के हाथों में कमान
BMC के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी महिला को कमिश्नर बनाया गया है। इससे पहले बीजेपी की रीतु तावड़े मेयर बन चुकी हैं, लेकिन कमिश्नर पद पर यह एक ऐतिहासिक नियुक्ति मानी जा रही है।
राजनीतिक खींचतान के बाद फैसला
इस नियुक्ति को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच चर्चा और खींचतान भी देखने को मिली थी।आखिरकार, अनुभवी और मजबूत प्रशासनिक छवि के चलते अश्विनी भिडे के नाम पर मुहर लगी।
कौन हैं अश्विनी भिडे?
- 1995 बैच की IAS अधिकारी
- मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव रह चुकीं
- इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में विशेषज्ञता
उन्होंने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया है और कई बड़े प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है।
2030 तक रह सकता है कार्यकाल
अश्विनी भिडे का कार्यकाल 2030 तक रहने की संभावना जताई जा रही है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौतियां होंगी:
- शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारना
- ट्रैफिक और शहरी प्लानिंग
- नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना
क्या बदलेगा मुंबई में?
उनकी नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि:
- बड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी
- प्रशासनिक फैसले मजबूत होंगे
- महिलाओं की भागीदारी को नई पहचान मिलेगी