धमकियों से परेशान छोटू सिंह रावणा बाड़मेर पहुंचे, 1 अप्रैल को शिव थाने में FIR दर्ज कराने की तैयारी; सुरक्षा को लेकर एसपी से मिले
भजन गायक छोटू सिंह रावणा धमकियों के मामले में बाड़मेर पहुंचे और सुरक्षा की मांग को लेकर एसपी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल को शिव थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और संभावित विरोध को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
धमकियों के मामले को लेकर भजन गायक छोटू सिंह रावणा मंगलवार को बाड़मेर पहुंचे और जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल को शिव थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए जाएंगे, इसलिए प्रशासन से सुरक्षा देने का अनुरोध किया गया है।
छोटू सिंह रावणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका घर बाड़मेर ही है और यहां आने का उद्देश्य केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और हाल ही में विधायक भाटी द्वारा दी गई धमकी ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि यदि इतना बड़ा और प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि इस प्रकार की हरकतें कर रहा है, रात में फोन कर डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है, तो प्रशासन को इस पर गंभीर कदम उठाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि 1 अप्रैल को एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर अफवाहें भी फैलने लगीं कि कुछ लोग शिव थाने में एफआईआर दर्ज नहीं होने देंगे और घेराव करेंगे। कई लोग उन्हें सोशल मीडिया पर मेंशन कर रहे हैं और स्टोरी लगाकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
रावणा ने कहा कि इन अफवाहों और संभावित विरोध को देखते हुए उन्होंने एसपी को पूरे मामले से अवगत कराया है, ताकि अगर कल किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो प्रशासन पहले से तैयार रहे और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिल सके।
उन्होंने समाज को लेकर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अक्सर छोटी-छोटी बातों पर पूरे समाज को गालियां दी जाती हैं, जो बेहद दुखद है। वर्षों से उनके समाज ने सभी का सम्मान, सत्कार और आदर किया है, लेकिन बदले में वही सम्मान नहीं मिल पाया। इस कारण समाज में रोष है और लोग चाहते हैं कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो।
छोटू सिंह रावणा ने यह भी कहा कि समाज की चुप्पी को अक्सर कमजोरी समझ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अब युवाओं में जागरूकता आ रही है और लोग अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि किसी को अपशब्द न कहे जाएं और सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
उन्होंने बताया कि जब उन्हें धमकी भरा कॉल आया था उस समय वे भोपाल में थे। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बातचीत के दौरान कहा था कि यह उसकी आखिरी कॉल है और इसे धमकी समझा जाए या कुछ और, यह सामने वाले पर निर्भर है। इस घटना के बाद से मामला और गंभीर हो गया है।अब छोटू सिंह रावणा 1 अप्रैल को शिव थाने पहुंचकर औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज करवाएंगे। वहीं उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें और उनके साथ आने वाले लोगों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।