बीकानेर कांग्रेस में रामेश्वर डूडी पर टिप्पणी से विवाद: पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल बोले- AI जनरेटेड वीडियो मेरे खिलाफ साजिश; पत्नी सुशीला डूडी बोलीं- ये संवेदनहीनता है
बीकानेर कांग्रेस में दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी पर पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर तीखा विवाद खड़ा हो गया है। जागरण दौरान हुई अनौपचारिक बातचीत का वायरल वीडियो/ऑडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद डूडी की पत्नी नोखा विधायक सुशीला डूडी और समर्थकों ने इसे संवेदनहीनता बताते हुए पार्टी आलाकमान से मेघवाल पर कार्रवाई की मांग की। मेघवाल ने आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो को AI से तैयार की गई साजिश बताया और कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में फूट डालने की कोशिश कर रही है। दोनों पक्षों ने अशोक गहलोत से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। यह मामला कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को फिर उजागर करता है।
राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर अंदरूनी कलह सार्वजनिक हो गई है। बीकानेर जिले में दिवंगत वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल के एक वायरल वीडियो/ऑडियो में रामेश्वर डूडी पर की गई टिप्पणी को लेकर उनकी पत्नी और नोखा विधायक सुशीला डूडी तथा उनके समर्थकों ने नाराजगी जताई है। डूडी परिवार और समर्थक नेताओं ने पार्टी आलाकमान से मेघवाल पर कार्रवाई की मांग की है, जबकि मेघवाल ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए वीडियो को AI जनरेटेड और अपने खिलाफ साजिश बताया है।
विवाद की वजह क्या है?
हाल ही में बीकानेर के एक गांव में जागरण के दौरान हुई अनौपचारिक बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें गोविंद राम मेघवाल कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते दिख रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने दिवंगत रामेश्वर डूडी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि अगर थोड़ा सहयोग मिलता तो चुनावी जीत संभव थी। साथ ही उन्होंने अपनी हार के लिए पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला को भी जिम्मेदार ठहराया।
रामेश्वर डूडी की पत्नी सुशीला डूडी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आज मेरे पति संसार में नहीं हैं, ऐसे में उन पर इस तरह की टिप्पणी करना संवेदनहीनता है। मेरे पास पार्टी कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे हैं, उनमें भारी आक्रोश है। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्ति को ऐसे वक्तव्य नहीं देने चाहिए।” उन्होंने रामेश्वर डूडी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सभी समुदायों को साथ लेकर बीकानेर के विकास का प्रयास किया और दलित समाज को प्रमुख बनाने में उनकी अहम भूमिका रही।
गोविंद राम मेघवाल का बचाव
विवाद बढ़ने पर पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने सफाई देते हुए कहा कि यह वीडियो उनके खिलाफ साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया, “मुझे सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह के वीडियो से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायत चुनाव आने वाले हैं, ऐसे में भाजपा स्थानीय स्तर पर समीकरण बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। यह अनुशासनहीनता है, इससे बचना चाहिए।”
मेघवाल ने आगे कहा कि 2003 में रामेश्वर डूडी रेवतराम से नाराज थे और उनके साथ थे, जिससे नोखा सीट पर जीत हुई थी। उन्होंने सुशीला डूडी को नोखा से चुनाव जिताने के लिए पूरा प्रयास करने का भी जिक्र किया। मेघवाल ने कहा, “रामेश्वर डूडी इस दुनिया से चले गए, हमें भी जाना है, लेकिन दुख इस बात का है कि अपने ही लोग ऐसा कर रहे हैं।”
उन्होंने अशोक गहलोत का आभार जताते हुए कहा, “अशोक गहलोत ने मुझे पार्टी में लेकर मंत्री बनाया। मैं पार्टी छोड़ने की सोच भी नहीं सकता। अगर जेल जाना पड़े तो जाऊंगा, लेकिन संगठन को मजबूत करूंगा।”
पुराने विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
मेघवाल ने यह भी आरोप लगाया कि रामेश्वर डूडी ने ही एक बार अर्जुनराम मेघवाल के सामने मदन गोपाल मेघवाल और एक बार शंकर पन्नू को टिकट दिलवाया था, जो कमजोर प्रत्याशी थे, जिससे अर्जुनराम मेघवाल जीत गए। उन्होंने कहा कि जब वे खुद नोखा में भाजपा से विधायक का चुनाव लड़ रहे थे, तब भी कांग्रेस नेता डूडी ने उन्हें वोट दिया था।
दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पहले हेलीकॉप्टर में हुई बातचीत के दौरान समझौता कराया था। मेघवाल के अनुसार, उसके बाद उन्होंने डूडी का विरोध नहीं किया।
डूडी समर्थकों की मांग
डूडी समर्थक नेताओं में भारी नाराजगी है। नोखा विधायक सुशीला डूडी, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने गोविंद राम मेघवाल पर कार्रवाई करने की मांग की है। इन नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। इसके बाद गोविंद राम मेघवाल ने भी गहलोत से मिलकर अपना पक्ष रखा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा, “किसी तरह का पत्र तो नहीं लिखा है, लेकिन सीनियर लीडर्स को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है। हम प्रदेशाध्यक्ष और सीनियर नेताओं के दिशा-निर्देश पर आगे कार्रवाई करेंगे। किसी सीनियर नेता को इस तरह नहीं बोलना चाहिए।”देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा, “रामेश्वर डूडी के बारे में ऐसी टिप्पणी करना उचित नहीं है। कांग्रेस पार्टी की ऐसी कोई विचारधारा नहीं है।”
केंद्रीय मंत्री के बेटे का बयान
सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के बेटे रविशेखर मेघवाल ने कहा कि मेघवाल स्वयं वीडियो के अंत में पूछ रहे हैं कि किसी ने वीडियो बनाकर रिकॉर्ड तो नहीं किया। उन्होंने संभावना जताई कि चर्चा में बने रहने के लिए उन्होंने खुद ही ऐसा वीडियो बनाकर शेयर किया हो।
पृष्ठभूमि
रामेश्वर डूडी बीकानेर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं, जिन्होंने किसान नेतृत्व और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका निधन हो चुका है, जिसके बाद यह विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।