अलवर: पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप; भामाशाह कार्ड होने के बावजूद वसूले गए पैसे
अलवर के सानिया अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद 44 वर्षीय शीला देवी की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर नरेंद्र गोयल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। भामाशाह कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने पैसे वसूले। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अलवर। राजस्थान के अलवर शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। मृतका की उम्र लगभग 44-50 वर्ष बताई जा रही है और उनका नाम शीला देवी है। वे खैरथल-तिजारा जिले के नांगल सतोकड़ा गांव की निवासी थीं तथा सतीश जाटव की पत्नी थीं। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड होने के बावजूद अस्पताल द्वारा पैसे वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना का विवरण मरीज का इलाज शुरू होना: नवंबर महीने में शीला देवी को 24 एमएम की पथरी की समस्या हुई। उन्हें अलवर शहर के सानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। पहला ऑपरेशन: भामाशाह योजना के तहत दूरबीन विधि (लैप्रोस्कोपिक या एंडोस्कोपिक तरीके) से पथरी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन सफल माना गया, लेकिन करीब 10 दिन बाद महिला की तबीयत फिर से बिगड़ गई। दूसरी बार भर्ती और दूसरा ऑपरेशन: तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती किया गया। परिजनों के अनुसार, पहले ऑपरेशन में कुछ कमी रह गई थी, जिसके कारण डॉक्टर ने बाईपास ऑपरेशन की सलाह दी। दूसरे ऑपरेशन के बाद महिला से खून बहना शुरू हो गया, जो रुक नहीं सका। बिगड़ती हालत: लगातार ब्लीडिंग होने के कारण महिला को 3-4 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। पहले डॉक्टरों ने खून की कमी बताया, फिर ब्लीडिंग नहीं रुकने की वजह बताई, लेकिन कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दिया। मौत: शुक्रवार को हालत अत्यधिक गंभीर हो गई। महिला को वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन देर रात करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों के आरोप परिजनों का कहना है कि मुख्य डॉक्टर नरेंद्र गोयल ने इलाज के दौरान कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी। भामाशाह कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने एक रात पहले 10 हजार रुपये वसूल लिए। परिजनों को लगता है कि पहले ऑपरेशन में लापरवाही हुई, जिसके कारण दूसरा ऑपरेशन करना पड़ा और अंततः मौत हो गई।मृतका के भाई लालचंद जाटव ने अलवर के एनईबी थाने में डॉक्टर नरेंद्र गोयल के खिलाफ इलाज में लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया है।
परिवार की स्थिति शीला देवी के चार बच्चे हैं – तीन बेटियां और एक बेटा। इनमें से एक बेटी और बेटे की शादी हो चुकी है। उनके पति सतीश जाटव किसान हैं। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और इस घटना से पूरी तरह टूट चुका है।
पुलिस कार्रवाई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अस्पताल और डॉक्टरों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। यह जांच लापरवाही, भामाशाह योजना के दुरुपयोग और पैसे वसूली के आरोपों पर भी फोकस करेगी।