अजमेर में कबाड़ के गोदामों में भीषण आग: फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियों ने रातभर संघर्ष कर पाया काबू, लाखों का नुकसान
अजमेर के नाका मदार नेहरू नगर में कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग, 7 दमकल गाड़ियों ने 14 फेरे लगाकर काबू पाया, लाखों का स्क्रैप जला।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर शहर में बुधवार रात को एक बड़ा हादसा हो गया। श्रीनगर रोड पर नाका मदार नेहरू नगर इलाके में स्थित एक कबाड़ के गोदाम में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि यह जल्द ही आसपास के एक अन्य गोदाम तक फैल गईं, जिससे दो गोदामों में रखा लाखों रुपये का स्क्रैप सामान जलकर राख हो गया। स्थानीय फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियों ने रातभर जद्दोजहद की और दो-दो फेरे लगाए, तब जाकर आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
घटना का विवरण; बुधवार की रात करीब 10 बजे के आसपास यह आग की शुरुआत हुई। शुरुआत में एक कबाड़ के गोदाम में धुआं दिखाई दिया, जो देखते ही देखते भयानक आग में बदल गया। गोदाम में पुराने लोहे, प्लास्टिक, कागज और अन्य स्क्रैप सामग्री का ढेर लगा था, जो ज्वलनशील होने के कारण आग को और भड़काने का काम कर रही थी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यह दीवारों को लांघते हुए बगल के दूसरे गोदाम तक पहुंच गई। इलाके में घना धुआं फैल गया, जिससे आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और स्थिति को देखने लगे।स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग की चिंगारियां इतनी ऊंची उठ रही थीं कि दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "रात का समय होने के कारण धुआं ज्यादा घना हो गया था। हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन आग इतनी तेज थी कि लग रहा था पूरा इलाका जल जाएगा।" गोदाम मालिकों को अभी तक नुकसान का सटीक आंकड़ा नहीं पता चला है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। इसमें पुराने वाहनों के पार्ट्स, धातु का स्क्रैप और अन्य ज्वलनशील सामग्री शामिल है।
फायर ब्रिगेड की तत्परता; जैसे ही आग की सूचना मिली, अजमेर फायर स्टेशन से सात दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। फायर अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि आग बुझाने के लिए कुल 14 फेरे लगाए गए, क्योंकि पानी की सप्लाई लगातार बनी रहनी जरूरी थी। "आग स्क्रैप सामग्री पर लगी होने के कारण बुझाना चुनौतीपूर्ण था। हमने उच्च दाब वाले पंपों का इस्तेमाल किया और आसपास के अन्य गोदामों को बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरती," उन्होंने कहा।रात करीब 2 बजे तक आग पर आंशिक काबू पा लिया गया था, लेकिन पूरी तरह बुझाने में सुबह तक का समय लग गया। फायर टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इलाके को सुरक्षित रखा और बिजली-पानी की लाइनों को काट दिया ताकि कोई और हादसा न हो। सौभाग्य से इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। आसपास के लोग सुरक्षित थे, हालांकि धुएं से कुछ को हल्की सांस की तकलीफ हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
कारण और जांच; आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी लापरवाही से सिगरेट का ठूंठा फेंकने जैसी संभावनाएं जताई जा रही हैं। अजमेर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। एसपी हव सिंह ने कहा, "हम आग के कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। गोदामों में सुरक्षा मानकों का पालन न होने की शिकायतें पहले भी मिली हैं, इसलिए इस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।"
प्रभाव और सबक: यह हादसा अजमेर के औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कबाड़ के गोदामों में अक्सर ज्वलनशील सामग्री का संग्रह होता है, जो आग के खतरे को बढ़ाता है।
ऐसे स्थानों पर स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर अलार्म और नियमित निरीक्षण अनिवार्य होने चाहिए। नुकसान के बावजूद, फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई ने बड़े विनाश को टाल दिया।