तलाक के दो साल बाद फिर एक हुए पति-पत्नी, कोर्ट में पहनाई एक-दूसरे को माला
बाड़मेर में तलाक के दो साल बाद चंपालाल और धनवंती ने लोक अदालत में सुलह कर फिर से एक-दूसरे का हाथ थामा। कोर्ट में माला पहनाकर दोनों ने नई शुरुआत की, जिससे उनका परिवार टूटने से बच गया।
बाड़मेर, 13 सितंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां तलाक के दो साल बाद एक दंपती ने फिर से एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। बाड़मेर कोर्ट परिसर में आयोजित लोक अदालत के तहत चंपालाल और धनवंती के बीच सुलह हो गई। दोनों ने न केवल आपसी मतभेद भुलाए, बल्कि कोर्ट में एक-दूसरे को माला पहनाकर नए सिरे से जिंदगी शुरू करने का वादा किया।
बाड़मेर शहर के निवासी चंपालाल और धनवंती के बीच दो साल पहले पारिवारिक विवाद के चलते तलाक हो गया था। इस दौरान दोनों अलग-अलग रह रहे थे, लेकिन लोक अदालत में मध्यस्थता के जरिए दोनों पक्षों ने खुले दिल से अपनी बात रखी। कोर्ट की मदद और परामर्श से दोनों ने अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर फिर से एक साथ रहने का फैसला किया।
लोक अदालत में राजीनामा होने के बाद चंपालाल और धनवंती ने एक-दूसरे को माला पहनाई, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। दोनों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इस मौके पर चंपालाल ने कहा, "हमने गलतफहमियों को दूर कर लिया है और अब एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं।" धनवंती ने भी इसे जिंदगी का नया अवसर बताते हुए कोर्ट और मध्यस्थों का आभार जताया।
बाड़मेर कोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों पक्षों को समझाने और सुलह के लिए प्रेरित करने में मध्यस्थों की मेहनत रंग लाई। इस घटना ने न केवल एक परिवार को टूटने से बचाया, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी मिसाल कायम की।
यह मामला बाड़मेर में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग इस दंपती के साहस और सुलह की भावना की सराहना कर रहे हैं।