श्रीगंगानगर: 15 साल की नाबालिग लड़की घर से लापता, परिजनों में चिंता की लहर, पुलिस ने शुरू की जांच
श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण इलाके से 15 वर्षीय नाबालिग लड़की 18 दिसंबर को बिना बताए घर से चली गई। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 22 दिसंबर को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और लड़की की तलाश जारी है।
श्रीगंगानगर जिले के एक ग्रामीण इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों के अनुसार, लड़की 18 दिसंबर 2025 को बिना किसी को बताए घर से निकल गई और तब से उसका कोई पता नहीं चला। इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है, और परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।
परिजनों ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में विस्तार से बताया कि उनकी बेटी उस दिन घर से कहीं चली गई। उन्होंने पहले खुद ही लड़की की खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों के घर, दोस्तों के यहां और आसपास के इलाकों में ढूंढा गया, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। कई दिनों तक इंतजार करने और खुद तलाश करने के बाद भी जब लड़की नहीं मिली, तो परिजनों ने 22 दिसंबर 2025 को स्थानीय पुलिस थाने में गुमशुदगी की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज करने के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच की जिम्मेदारी एएसआई बेंचेलाल को सौंपी गई है। पुलिस टीम सक्रिय रूप से लड़की की तलाश में जुटी हुई है। आसपास के क्षेत्रों में छानबीन की जा रही है, और संभावित जगहों पर पूछताछ चल रही है। पुलिस का कहना है कि वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं ताकि लड़की जल्द से जल्द सुरक्षित घर लौट सके।
यह घटना श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में हुई है, जहां ऐसी गुमशुदगी की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। नाबालिग होने के कारण मामला और भी संवेदनशील है, क्योंकि ऐसी स्थितियों में मानव तस्करी, बहला-फुसलाकर ले जाना या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है। हालांकि, अभी तक कोई संदेह या वजह सामने नहीं आई है कि लड़की क्यों और कहां गई। परिजन बेहद परेशान हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस की मदद से उनकी बेटी जल्द मिल जाएगी।
पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि अगर किसी को लड़की के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या जांच अधिकारी से संपर्क करें। इस तरह की घटनाएं समाज में जागरूकता की जरूरत को भी उजागर करती हैं, खासकर नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ संवाद बनाए रखने के महत्व को।