विजय दिवस पर बाड़मेर में शहीदों को श्रद्धांजलि: देशभक्ति की भावना से सराबोर हुआ माहौल
बाड़मेर में विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ। सेना, बीएसएफ और पुलिस के जवानों ने शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर और पुष्पांजलि अर्पित की। वीरांगनाओं व शहीद परिवारों का सम्मान किया गया, जबकि 'जय हिंद' के नारों से माहौल देशभक्ति से भर गया। 1965 और 1971 युद्धों के वीरों को विशेष रूप से याद किया गया।
बाड़मेर, 16 दिसंबर 2025। हर साल 16 दिसंबर को पूरे देश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत और बांग्लादेश की मुक्ति की याद दिलाता है। इस युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान ने न केवल पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया, बल्कि लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के साथ विश्व इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। इस अवसर पर राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में भी विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहां शहीदों की शहादत को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बाड़मेर जिला मुख्यालय पर स्थित सिणधरी सर्किल के शहीद स्मारक पर यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद और नगर परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस समारोह में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारतीय सेना और पुलिस के जवान तथा अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। साथ ही पूर्व सैनिक, प्रशासनिक अधिकारी और शहर के आम नागरिकों ने भी इसमें भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर देने से हुई, जिसने पूरे वातावरण को गंभीर और देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
इसके बाद मुख्य अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपस्थित जनसमूह ने जोर-शोर से 'भारत माता की जय' और 'जय हिंद' के नारे लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंग गया। विशेष रूप से 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में देश की स्वतंत्रता, आन-बान और शान के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को याद किया गया। इन युद्धों में भारतीय जवानों की बहादुरी ने न केवल दुश्मन को परास्त किया, बल्कि विश्व पटल पर भारत की सैन्य शक्ति को स्थापित किया।
कार्यक्रम में विधायक आदूराम मेघवाल, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद की ओर से कैप्टन हीर सिंह भाटी सहित आर्मी, एयरफोर्स और बीएसएफ के कई अधिकारी एवं जवान शामिल हुए। सरहदी इलाका होने के कारण बाड़मेर के लोग देशभक्ति की भावना में हमेशा आगे रहते हैं, और इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया।
सबसे भावुक क्षण तब आया जब शहीदों के परिवारजनों और वीरांगनाओं का विशेष सम्मान किया गया। वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके चेहरों पर गर्व की चमक और आंखों में आंसू यह संदेश दे रहे थे कि देश आज भी अपने वीर सपूतों की कुर्बानी को न केवल याद करता है, बल्कि उनका सम्मान करता है। इन वीरांगनाओं ने अपने पतियों की शहादत के बाद भी जीवन को संभाला और परिवार को मजबूती प्रदान की, जो किसी वीरता से कम नहीं है।