उदयपुर: मैनकाइंड फार्मा यूनिट में सफल मॉक ड्रिल, आग बुझाने की त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन
उदयपुर के कलडवास में मैनकाइंड फार्मा यूनिट में आग की मॉक ड्रिल हुई; फायर ब्रिगेड ने तुरंत काबू पाया, कर्मचारियों को सुरक्षा ट्रेनिंग दी गई।
राजस्थान के उदयपुर शहर के कलडवास औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मैनकाइंड फार्मा कंपनी की यूनिट में शुक्रवार को एक योजनाबद्ध मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस ड्रिल का उद्देश्य आग लगने जैसी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, फायर ब्रिगेड की दक्षता और कर्मचारियों की सुरक्षा ट्रेनिंग को परखना था। शुरुआत में यह खबर फैल गई कि फैक्ट्री में वास्तविक आग लगी है, जिससे स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग अलर्ट मोड में आ गया। हालांकि, कुछ ही देर में इसे मॉक ड्रिल घोषित कर दिया गया।
घटना का विवरण; सुबह करीब 10 बजे कलडवास स्थित मैनकाइंड फार्मा की यूनिट से धुएं की लपटें उठती दिखाई दीं। सूचना मिलते ही उदयपुर नगर निगम का फायर विभाग हरकत में आ गया। एक के बाद एक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कुल 4-5 फायर टेंडर और दर्जनभर से अधिक अग्निशमन कर्मी घटनास्थल पर तैनात किए गए। ड्रिल के तहत आग पर काबू पाने की प्रक्रिया मात्र 15-20 मिनट में पूरी कर ली गई। फायर ऑफिसर ने बताया कि यह पूरी तरह नियोजित अभ्यास था, जिसमें आग लगने की स्थिति को सिमुलेट किया गया। धुआं उत्पन्न करने के लिए सुरक्षित केमिकल्स का इस्तेमाल किया गया, ताकि वास्तविक परिस्थिति का अनुभव हो सके। आग बुझाने के बाद साइट को क्लियर घोषित किया गया।कर्मचारियों को दी गई ट्रेनिंगमॉक ड्रिल के बाद कंपनी प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी।
इसमें शामिल थे:आग बुझाने के उपकरणों का उपयोग: फायर एक्सटिंग्विशर, होज़ पाइप और हाइड्रेंट सिस्टम की हैंडलिंग। ,लीकेज हैंडलिंग: केमिकल लीकेज या गैस रिसाव की स्थिति में सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार। ,इवैक्यूएशन प्रक्रिया: फैक्ट्री से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने का डेमो। ,फर्स्ट एड: जलने, धुएं से प्रभावित होने पर तुरंत राहत प्रदान करने के तरीके।
कंपनी के एचआर मैनेजर ने कहा, “औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा सर्वोपरि है। इस मॉक ड्रिल से कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ा और फायर विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित हुआ।”
फायर विभाग की भूमिका; उदयपुर फायर ब्रिगेड के चीफ फायर ऑफिसर ने ड्रिल की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने रिकॉर्ड समय में आग पर काबू पाया। यह अभ्यास वास्तविक आपदा के लिए हमें तैयार रखता है।” विभाग ने कंपनी को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया।उद्देश्य और महत्वमैनकाइंड फार्मा जैसी दवा निर्माता कंपनियों में केमिकल्स और ज्वलनशील सामग्रियों का भंडारण होता है, इसलिए आग या लीकेज की स्थिति घातक हो सकती है। इस मॉक ड्रिल का मुख्य मकसद:कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाना। ,आपातकालीन योजनाओं की प्रभावशीलता जांचना। ,स्थानीय प्रशासन और कंपनी के बीच समन्वय मजबूत करना। ,यह आयोजन राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और फैक्ट्री एक्ट के दिशानिर्देशों के तहत किया गया।